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नई दिल्ली 
 कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को एक बार फिर वैश्विक और घरेलू दोनों बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुझान, रुपए की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में गुरुवार सुबह सोने और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। दिन के शुरुआती कारोबार में सोना 1.05 प्रतिशत गिरकर 4,106.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया, तो वहीं चांदी 2.24 प्रतिशत टूटकर 56.42 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इस बीच बोफा यानी बैंक ऑफ अमेरिका (बीओएफए) ने अनुमान जताया है कि मौजूदा दबाव जारी रहने पर सोना आगे चलकर 3,700 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकता है। भारतीय मुद्रा में यह स्तर लगभग 1.12 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के बराबर बैठता है। इस अनुमान ने भी निवेशकों की सतर्कता बढ़ा दी है।

अंतरराष्ट्रीय कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। घरेलू बाजार में सोना गिरकर 1.44 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया, जबकि चांदी का भाव 2.03 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के करीब आ गया।

खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 11 बजे), मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 1,771 रुपए यानी 1.21 प्रतिशत गिरकर 1,44,308 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी में और बड़ी गिरावट देखी गई और यह 5,521 रुपए यानी 2.64 प्रतिशत टूटकर 2,03,647 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।

दिन के कारोबार में दिसंबर डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद भाव 1,46,079 रुपए से 1,087 रुपए यानी 0.74 प्रतिशत टूटकर 1,44,992 रुपए पर खुला, और एक समय यह 1,883 रुपए यानी 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,44,196 रुपए प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।

वहीं दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद भाव 2,09,168 रुपए से 3,168 रुपए यानी 1.51 प्रतिशत गिरकर 2,06,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली, और एक समय इसने 5,648 रुपए यानी 2.70 प्रतिशत टूटकर 2,03,520 का दिन का निम्नतम स्तर छुआ।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत दिशा पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।

विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी आर्थिक संकेतकों और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं। यही कारण है कि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है।
पिछले सप्ताह एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में 3,581 रुपए यानी 2.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि चांदी 14,568 रुपए यानी 6.4 प्रतिशत तक टूट गई थी। जानकारों का मानना है कि घरेलू कीमतों में यह कमजोरी बड़े पैमाने पर मुद्रा विनिमय दर के प्रभाव से जुड़ी हुई है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि घरेलू बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह भारतीय रुपए की मजबूती भी है। मजबूत रुपया आयातित सोने और चांदी की लागत को कम करता है, जिससे स्थानीय कीमतों पर दबाव बनता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक सोने की चाल पर पश्चिम एशिया की स्थिति भी असर डाल रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव और सप्लाई चिंताओं के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।
ऊर्जा की ऊंची कीमतें महंगाई को बढ़ा सकती हैं, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं। यह स्थिति सामान्य तौर पर सोने के लिए नकारात्मक मानी जाती है। हालांकि दूसरी तरफ अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर में कमजोरी जैसी स्थितियां सोने को कुछ समर्थन भी दे सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में निवेशकों का फोकस अमेरिका के आवास संबंधी आंकड़ों, उपभोक्ता भावना, महंगाई उम्मीदों और पीसीई मुद्रास्फीति आंकड़ों पर रहेगा। इसके अलावा, भारत, ब्रिटेन और अमेरिका के पीएमआई आंकड़े, रूस से कच्चे तेल की आपूर्ति और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।