MAI HINDU HU: बरेली में हिंदू महासभा ने शुरू की नई पहल
कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू हो रही है और कांवड़ यात्रा को लेकर विवाद भी बना हुआ है जहां एक ओर सरकार दुकानों, ढ़ाबों, होटलों के बाहर अपने नाम की नेम प्लेट लगाने की कह रही है वही अब हिंदू संगठनों ने इस दिशा में बड़ कदम उठाया है। आप सभी जानते है कि, ये फैसला किन कारणों की वजह से लिया जा रहा है।
कांवड़ियों की यात्रा और उनके व्रत में किसी तरह की कोई परेशानी ना हो, इसको लेकर सरकार के साथ-साथ अब हिंदू संगठन भी सक्रिय हो गए है। हिंदू संगठनों का दावा है कि, धर्म छिपाकर लोग केवल धोखा कर रहे है। हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ करते है। और इसका खामियाजा और किसी को नहीं बल्कि कांवड़ियों को उठाना पड़ता है।
उनका कहना है कि, हमारी ये जिम्मेदारी बनती है कि कांवड़ियों के व्रत को बचाने के लिए महत्वपूर्ण से महत्वपूर्ण कदम उठाए जाए। इसी कड़ी में हिंदू संगठनों ने एक नई पहल (MAI HINDU HU) शुरू की है। ये पहल बरेली में शुरू की गई है। बरेली में कांवड़ यात्रा से पहले हिंदू महासभा ने ढाबों, होटलों और ठेलों पर ‘मैं हिंदू हूं’ (MAI HINDU HU) के पोस्टर चिपका दिए हैं। वही आपको बता दें कि दुकानदारों ने अपनी मर्जी से अपने ठेलों और दुकानों पर ये पोस्टर लगवाए हैं।
वहीं योगी सरकार पहले ही कांवड़ यात्रा के मार्ग में आने वाली सभी दुकानों पर नेमप्लेट लगाने का निर्देश दे चुकी है। जिसे अब हिंदू संगठन धार्मिक पहचान (MAI HINDU HU) के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं।
उधर, मुस्लिम संगठनों ने इसे खुलेआम भेदभाव की राजनीति करार दिया है। उनका कहना है कि यह सांप्रदायिक ध्रुवीकरण (MAI HINDU HU) की साजिश है।
बरेली समेत पश्चिमी यूपी में लाखों कांवडि़ए भगवान शिव को जल अर्पित करने शिवालयों तक पहुंचेंगे। इसी को देखते हुए कावडिय़ों की आस्था की रक्षा और उनकी कावड़ खंडित न हो, इसके लिए हिंदू महासभा ने बरेली में ये नई पहल की है।
महासभा कावड़ रूट पर हिंदू धर्म के ढाबों, होटलों, ठेले-फड़ों पर ‘मैं हिंदू हूं’ (MAI HINDU HU) के पोस्टर लगा रही है, ताकि कावडिय़ों को दूर से देखते ही जानकारी हो सके कि यह प्रतिष्ठान हिंदू का है।
बरेली को नाथ नगरी कहा जाता है, जहां चारों दिशाओं में भगवान शिव के प्राचीन मंदिर स्थित हैं। यहां के सातों नाथ मंदिरों में स्वयंभू शिवलिंग स्थापित हैं। जिनकी मान्यता महाभारत काल से जुड़ी हुई है।
बरेली-बदायूं रोड कांवड़ियों का प्रमुख मार्ग है। यहां कछला गंगा घाट से जल लेकर लाखों कांवड़िए पैदल बरेली आते हैं और शहर के प्रमुख शिवालयों—अलखनाथ, धोपेश्वरनाथ, त्रिवटीनाथ, मणिनाथ, तपेश्वरनाथ, वनखंडीनाथ और पशुपतिनाथ—में जलाभिषेक करते हैं। इसके अलावा गुलड़िया स्थित प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर में भी कावड़िए जल चढ़ाते हैं।
हिंदू महासभा (MAI HINDU HU) के मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक ने बताया कि कांवड़िए दूर-दराज से नंगे पैर कावड़ लेकर आते हैं। ऐसी स्थिति में कोई कट्टरपंथी यदि होटल या ढाबे पर हिंदू नाम लगाकर धोखा दे दे और उनके खाने में कुछ अशुद्ध परोस दे, तो कावड़ यात्रा खंडित हो सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह देखा गया है कि कुछ लोग खाने में थूकते हैं। इसी से बचने के लिए हिंदू महासभा द्वारा सभी प्रतिष्ठानों पर ‘मैं हिंदू हूं’ (MAI HINDU HU) का पोस्टर लगाया जा रहा है, ताकि कांवड़ियों को यह पता रहे कि वे जहां खा रहे हैं, वह हिंदुओं का प्रतिष्ठान है।
महासभा के सदस्य हर होटल, ढाबा और ठेले पर जाकर दुकानदार का नाम पूछते हैं, आधार कार्ड देखकर पहचान करते हैं और दुकान पर लगे बारकोड को स्कैन कर मिलान करते हैं कि नाम और पहचान सही है या नहीं। जांच के बाद ही ‘मैं हिंदू हूं’ (MAI HINDU HU) का पोस्टर चस्पा किया जाता है।
पंकज पाठक ने कहा कि केंद्र और राज्य में बीजेपी सरकार है। योगी सरकार ने नेमप्लेट लगाने के निर्देश दिए हैं, इसलिए हमारे संगठन ने ‘मैं हिंदू हूं’ (MAI HINDU HU) से इसकी शुरुआत की है। इस पोस्टर की खास बात ये है कि इससे जात-पात की भावना खत्म होती है। कोई ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया, मौर्य या दलित नहीं—सब सिर्फ हिंदू के रूप में सामने आएंगे।
वही जिन दुकानों पर ये पोस्टर लगाए गए, वहां के दुकानदारों का कहना हैं कि हम लोगों ने इस पहल का समर्थन किया। उनका कहना है कि हम किसी पर दबाव नहीं बना रहे कि वो अपनी पहचान बताए या न बताए, लेकिन हमने अपने प्रतिष्ठानों पर ‘मैं हिंदू हूं’ (MAI HINDU HU) का पोस्टर लगा दिया है ताकि भ्रम की कोई स्थिति न रहे।

