Los Angeles Olympics 2028: लॉस एंजिलिस ओलिंपिक 2028 के लिए विनेश फोगाट की वापसी
भारतीय महिला कुश्ती की सबसे चर्चित और संघर्षशील पहलवानों में से एक विनेश फोगाट ने बड़े फैसले की घोषणा कर दी है। करीब चार महीने पहले संन्यास लेने वाली विनेश ने अब वापसी का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वह 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में हिस्सा लेने के लिए फिर से मैट पर उतरेंगी। यह फैसला उन्होंने अपने दिल की आवाज और खेल के प्रति अपने जुनून को सुनकर लिया है। सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर उन्होंने यह जानकारी दी।
पेरिस 2024 ओलिंपिक में विनेश इतिहास रचने के बेहद करीब थीं। वह ओलिंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनी थीं। सेमीफाइनल तक की उनकी यात्रा इतनी दमदार थी कि देशभर में उनके स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद बढ़ गई थी। उन्होंने प्री-क्वार्टरफाइनल में जापान की विश्व चैंपियन युई सुसाकी को हराया, क्वार्टरफाइनल में यूक्रेन की ओकसाना लिवाच पर जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में क्यूबा की गुजमान लोपेजी को मात दी। तीनों मुकाबलों में उनके प्रदर्शन ने भारतीय कुश्ती को एक नई उम्मीद दी थी।
लेकिन फाइनल से कुछ घंटे पहले उनके करियर का सबसे बड़ा झटका सामने आया। उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा पाया गया, जिसके कारण उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया। नियमों के अनुसार, उनके स्थान पर क्यूबा की गुजमान लोपेजी ने फाइनल खेला। यह वही पहलवान थीं जिन्हें विनेश ने सेमीफाइनल में हराया था। हालांकि फाइनल मुकाबले में अमेरिकी रेसलर सारा एन हिल्डरब्रांट ने स्वर्ण पदक जीता।
डिसक्वालिफिकेशन की खबर आते ही पूरे देश में निराशा फैल गई, लेकिन सबसे ज्यादा टूट गई थीं स्वयं विनेश। घटना के 17 घंटे के भीतर उन्होंने सुबह 5.17 बजे सोशल मीडिया पर संन्यास की घोषणा कर दी। पोस्ट में उन्होंने लिखा— “मां कुश्ती मेरे से जीत गई, मैं हार गई। माफ करना, आपका सपना—मेरी हिम्मत सब टूट चुके। इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब। अलविदा कुश्ती 2001-2024।” इस संदेश ने देश के खेल प्रेमियों को भावुक कर दिया।
संन्यास के बाद विनेश का जीवन खेल के बाहर नए अध्यायों में बदलता चला गया। उन्होंने हरियाणा के जुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। जुलाई 2024 में वह मां बनीं। मार्च में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने प्रेग्नेंसी की घोषणा करते हुए लिखा था— “ऑवर लव स्टोरी कंटिन्यू विद न्यू चैप्टर।” यह उनके जीवन का वह समय था जब वे परिवार, राजनीति और निजी जिम्मेदारियों में व्यस्त थीं और कुश्ती कुछ समय के लिए उनसे दूर हो चुकी थी।
लेकिन अब उन्होंने जो पोस्ट साझा किया है, वह दर्शाता है कि उनकी आत्मा अभी भी मैट से जुड़ी हुई है। विनेश ने लिखा— “लोग पूछते रहे कि क्या पेरिस अंत था। बहुत समय तक मेरे पास इसका जवाब नहीं था। मुझे मैट से, प्रेशर से, उम्मीदों से और अपने ही सपनों से दूर जाने की जरूरत थी। कई साल बाद मैंने खुद को सांस लेने दिया। अपने सफर को समझने का समय मिला। और इसी सोच में मुझे सच मिला—मुझे अब भी यह खेल पसंद है। मैं अभी भी मुकाबला करना चाहती हूं।”
उन्होंने आगे लिखा— “उस खामोशी में मुझे मेरा खोया हुआ हिस्सा मिला—‘आग कभी खत्म नहीं होती’। यह बस थकान और शोर के नीचे दब गई थी। डिसिप्लिन, रूटीन, फाइट… यह सब मेरे सिस्टम में है। मैं चाहे कितनी दूर चली जाऊं, मेरा एक हिस्सा मैट पर बना रहता है। इसलिए मैं वापस आ रही हूं। LA 2028 के लिए एक निडर दिल और अडिग भावना के साथ।”
विनेश ने यह भी बताया कि इस बार उनकी यात्रा अकेली नहीं होगी। उन्होंने लिखा— “इस बार मेरा बेटा भी मेरे साथ होगा। वह मेरी टीम, मेरी प्रेरणा और मेरा छोटा चीयरलीडर होगा, जो LA ओलिंपिक की इस राह पर मेरे साथ चलेगा।”
तीन ओलिंपिक खेल चुकीं विनेश के लिए 2028 एक और मौका होगा। रियो 2016 में वे चोटिल होकर बाहर हो गई थीं, टोक्यो 2020 में वे क्वार्टरफाइनल में हार गईं और पेरिस 2024 में वे एकदम सही फॉर्म में होते हुए भी नियमों की वजह से फाइनल खेलने से वंचित रह गईं।
अब लॉस एंजिलिस ओलिंपिक उनकी वापसी की तस्वीर नया रूप देगा। 2028 तक की राह लंबी है, लेकिन उनके शब्दों में झलकती दृढ़ता और ऊर्जा यह संकेत देती है कि विनेश फोगाट एक बार फिर भारतीय कुश्ती को गौरव दिलाने के लिए तैयार हैं।

