YouTube Tutorial Drug Lab Raid

बालोतरा, राजस्थान | राजस्थान के बालोतरा जिले में नशे के अवैध कारोबार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सिवाना थाना क्षेत्र के मिठौड़ा गांव में कथित रूप से संचालित एमडी ड्रग्स निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक सरकारी डॉक्टर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 3.764 किलोग्राम कच्ची एमडी, रसायन, उपकरण, 3 लाख 41 हजार 700 रुपये नकद और एक कार जब्त की गई है।

सरकारी नौकरी की तैयारी से ड्रग्स कारोबार तक
पुलिस के मुताबिक, इस मामले का मुख्य आरोपी 27 वर्षीय सुरेश कुमार विश्नोई है, जो बालोतरा जिले के मिठौड़ा गांव का रहने वाला है। सुरेश ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद पटवारी, ग्रामसेवक, राजस्थान पुलिस, वनरक्षक और सब-इंस्पेक्टर सहित कई सरकारी नौकरियों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की थी।

लगातार प्रयासों के बावजूद सरकारी नौकरी नहीं मिलने पर वह वर्ष 2022 में बेंगलुरु चला गया। वहां उसने अपने एक दोस्त के साथ दवा सप्लाई का काम शुरू किया। करीब दो वर्षों तक इस क्षेत्र में काम करने के बाद वह वर्ष 2024 में वापस अपने गांव लौट आया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, गांव लौटने के बाद सुरेश कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े लोगों के संपर्क में आया। शुरुआत में उसने एमडी ड्रग्स की खरीद-फरोख्त और सप्लाई शुरू की। बाद में अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से खुद नशीला पदार्थ तैयार करने की योजना बनाई।

यूट्यूब वीडियो देखकर ड्रग्स बनाने का दावा
इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू आरोपी द्वारा इंटरनेट के कथित इस्तेमाल से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, सुरेश ने पूछताछ में बताया कि उसने यूट्यूब और सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो देखकर एमडी ड्रग्स तैयार करने की जानकारी हासिल की थी।

इसके बाद उसने अपने घर के पास बने छप्पर वाले परिसर को कथित अवैध निर्माण इकाई में बदल दिया। पुलिस का दावा है कि यहां रासायनिक पदार्थों और उपकरणों की मदद से एमडी तैयार की जा रही थी।

हालांकि, वीडियो के जरिए निर्माण प्रक्रिया सीखने संबंधी जानकारी फिलहाल पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ पर आधारित है।

ANTF की रेड में डॉक्टर समेत तीन गिरफ्तार
एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि मिठौड़ा गांव में अवैध रूप से एमडी ड्रग्स बनाई जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संबंधित परिसर पर दबिश दी।

कार्रवाई के दौरान पुलिस को घर के बाहर बने छप्पर में तीन व्यक्ति मिले। उनकी पहचान सुरेश कुमार विश्नोई (27), डॉ. मुकेश विश्नोई (29) और उत्कर्ष विश्नोई (19) के रूप में हुई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉ. मुकेश विश्नोई जालोर जिला अस्पताल में कार्यरत सरकारी डॉक्टर हैं। पुलिस को संदेह है कि आरोपी डॉक्टर और अन्य साथी कथित रूप से तैयार नशीले पदार्थ की सप्लाई से जुड़े थे।

3.764 किलो कच्ची MD और लाखों रुपये बरामद
एएनटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण वस्तुएं जब्त की गईं।
– 3.764 किलोग्राम कच्ची एमडी ड्रग्स (पैकेजिंग सहित)
– 888 ग्राम संदिग्ध रासायनिक पाउडर (पैकेजिंग सहित)
– अन्य रासायनिक पदार्थ और उपकरण
– इलेक्ट्रिक मशीन, इंडक्शन चूल्हा, कांच का जार और थर्मामीटर
– 3,41,700 रुपये नकद
– एक किआ सेल्टोस कार

बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जालोर और बालोतरा तक फैले नेटवर्क की जांच
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सुरेश कुमार कथित रूप से अपने संपर्कों के जरिए बालोतरा, जालोर, सिवाना और आसपास के क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की सप्लाई करता था।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि ड्रग्स तैयार करने के लिए रसायन कहां से मंगवाए जाते थे, तैयार माल किन लोगों तक पहुंचता था और इस अवैध कारोबार में अन्य कितने लोग शामिल हैं।

इसके अलावा गिरफ्तार आरोपियों के संपर्कों और कथित सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

इंटरनेट के दुरुपयोग और नशे के नेटवर्क पर गंभीर सवाल
बालोतरा में सामने आया यह मामला नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण और वितरण को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। विशेष रूप से एक सरकारी डॉक्टर की गिरफ्तारी और इंटरनेट के जरिए ड्रग्स बनाने की जानकारी हासिल करने के दावे ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

Channel 4 News India नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ इस कार्रवाई और आगे की जांच से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए है।

By Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।