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कोलकाता के प्रतिष्ठित साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में हाल ही में सामने आए गैंगरेप कांड ने एक बार फिर देश की आत्मा को झकझोर कर रख दिया है। यह वही कोलकाता है जहां अगस्त 2023 में आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुई बलात्कार और हत्या की वीभत्स घटना ने राष्ट्रव्यापी आक्रोश पैदा किया था। अब एक और शर्मनाक वारदात ने उसी घाव को ताजा कर दिया है। ताजा घटना में कॉलेज की एक छात्रा ने चार युवकों पर गैंगरेप, मारपीट, धमकी और वीडियो वायरल करने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कॉलेज का सुरक्षा गार्ड भी शामिल है।

25 जून की भयावह शाम: जब कॉलेज बना अपराध का अड्डा

घटना 25 जून की शाम की है। पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, यह पूरी वारदात साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज के छात्रसंघ कार्यालय के पास स्थित गार्ड रूम में अंजाम दी गई। आरोपियों ने पहले पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, फिर उसे खींचकर गार्ड रूम में ले गए। वहां करीब तीन घंटे तक उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया। पीड़िता के अनुसार, वारदात के समय कॉलेज का मेन गेट बंद कर दिया गया था और सुरक्षा गार्ड को गार्ड रूम के बाहर तैनात कर दिया गया था ताकि कोई अंदर न आ सके।

Kolkata Law College Security Guard Arrested In Student Assault Case Know  All About It - Amar Ujala Hindi News Live - Kolkata Gangrape Case:छात्रा से दुष्कर्म  मामले में लॉ कॉलेज का गार्ड

आरोपी: सत्ता, संगठन और साजिश का चेहरा

इस मामले में पुलिस ने अब तक जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:

मोनोजीत मिश्रा (31): मुख्य आरोपी। लॉ कॉलेज का पूर्व छात्र और टीएमसी छात्र परिषद (TMCP) की दक्षिण कोलकाता शाखा का पूर्व संगठन सचिव। वह वर्तमान में जिला अदालत में क्रिमिनल लॉ का वकील भी है।

जैब अहमद (19) और प्रोमित मुखोपाध्याय (20): कॉलेज के वर्तमान छात्र।

पिनाकी बनर्जी (55): कॉलेज का सुरक्षा गार्ड।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोनोजीत को कुछ समय पहले कॉलेज में 45 दिन के लिए अस्थायी तौर पर गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया था। उसका कॉलेज के प्रशासनिक ढांचे में प्रभाव था, और यही प्रभाव उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया।

Kolkata law college gangrape survivor had 'bite marks, nail scratches':  Medical proof backs female student's complaint | Today News

शादी के प्रस्ताव से इनकार बना अपराध का कारण

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मोनोजीत लंबे समय से उसे शादी के लिए मजबूर कर रहा था। जब छात्रा ने उसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे शारीरिक रूप से पीटा। फिर उसे गार्ड रूम में खींचकर ले जाया गया, जहां मोनोजीत ने बलात्कार किया और अन्य दो युवक बाहर पहरा देते रहे। इस दौरान आरोपी पीड़िता को धमकाते रहे कि अगर उसने किसी से शिकायत की तो उसके बॉयफ्रेंड को पीटा जाएगा और माता-पिता को झूठे केस में फंसाया जाएगा।

वीडियो बनाकर दी गई ब्लैकमेलिंग की धमकी

FIR में छात्रा ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि आरोपियों ने घटना का वीडियो मोबाइल फोन से बनाया और उसे धमकी दी कि अगर उसने पुलिस से शिकायत की तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। यह धमकी उस पीड़ा को और भी गहरा बना देती है जिसे किसी भी यौन उत्पीड़न की शिकार महिला झेलती है। पुलिस ने सभी आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, गार्ड रूम सील

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। सबसे पहले छात्रा का बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया गया, जिसमें उसने पूरे घटनाक्रम को विस्तार से बताया। इसके बाद पुलिस ने कॉलेज के गार्ड रूम को सील कर दिया और घटना स्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए। कोर्ट ने तीन मुख्य आरोपियों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जिससे पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है।

मोनोजीत का राजनीतिक और पेशेवर प्रभाव

मोनोजीत मिश्रा का इस केस में नाम आना इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि वह कानून का जानकार, वकील और राजनीतिक छात्र संगठन का नेता रहा है। ऐसे व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह महिलाओं की गरिमा की रक्षा करे, लेकिन यहां वही शख्स दरिंदगी का प्रतीक बन गया। सोशल मीडिया पर उसकी प्रोफाइल अब जांच के दायरे में है और यह देखा जा रहा है कि क्या उसने अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर पूर्व में भी ऐसी गतिविधियों को अंजाम दिया है।

कानूनी पहलू और जांच की दिशा

इस मामले में IPC की धारा 376D (गैंगरेप), 354 (शारीरिक हमला), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 506 (धमकी देना) सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि अगर वीडियो बनाने और वायरल करने की धमकी की पुष्टि होती है तो IT एक्ट की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।

कॉलेज प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

यह घटना कॉलेज परिसर में घटी, जहां सुरक्षा, अनुशासन और गरिमा सर्वोच्च माने जाते हैं। लेकिन यहां न केवल कॉलेज का गार्ड इस अपराध में शामिल पाया गया, बल्कि आरोपी कॉलेज के ही छात्र और कर्मचारी रहे। यह पूरे संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। अभी तक कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट और सख्त आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे पीड़िता और छात्रों में नाराजगी है।