बजट सत्र से पहले किरेन रिजिजू ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने वाला है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस सत्र के दौरान विपक्ष भी ‘नीट’ पेपरलीक और रेल सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। यह सत्र सोमवार से शुरू होगा और 12 अगस्त तक चलेगा, जिसमें 19 बैठकें होंगी। बजट सत्र से पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सभी दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान बजट सत्र में उठने वाले मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सरकार इस सत्र में छह विधेयक पेश कर सकती है, जिसमें 90 साल पुराने एयरक्राफ्ट एक्ट को बदलने वाला विधेयक भी शामिल है। इसके अलावा, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के बजट के लिए भी संसद से मंजूरी मांगी जाएगी।
22 जुलाई से शुरू होने वाला संसद का ये सत्र 12 अगस्त को समाप्त होगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। यह बजट सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट होगा। इसके साथ ही, 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले यह आखिरी पूर्ण बजट भी होगा। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार इस बजट में कई बड़े ऐलान कर सकती है। इस सत्र में सरकार की ओर से छह विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है। इनमें 90 साल पुराने विमान अधिनियम को बदलने वाला विधेयक भी शामिल है। इस सत्र में जम्मू-कश्मीर के बजट के लिए संसद की मंजूरी भी मिलेगी। इस केंद्रशासित प्रदेश में फिलहाल विधानसभा अस्तित्व में नहीं है और केंद्र का शासन है।
टीएमसी ने बताई शामिल ना होने की वजह
सत्र आरंभ होने से पहले सभी दलों के सदन के नेताओं की इस पारंपरिक बैठक में पहली बार नेता प्रतिपक्ष के रूप कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शामिल होंगे। तृणमूल कांग्रेस का कोई भी प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल नहीं होगा, क्योंकि पार्टी 21 जुलाई को शहीद दिवस के रूप में मनाती है। तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने रीजीजू को पत्र लिखकर सूचित किया है कि उनकी पार्टी इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘30 वर्षों से 21 जुलाई को बंगाल में हमारे 13 साथियों के सम्मान में ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जो 1993 में पुलिस की गोलीबारी में गैरकानूनी रूप से मारे गए थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस परिप्रेक्ष्य में, मेरे सहित अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सभी सांसद पार्टी के अन्य सहयोगियों के साथ इस दिवस को मनाने के लिए अपने गृह राज्य में होंगे। इसलिए कोई भी सांसद बैठक में शामिल नहीं हो सकेगा।’’
बता दें कि आम चुनाव के संपन्न होने और 18वीं लोकसभा के गठन के बाद यह पहला बजट सत्र है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगी दल संसद में सत्ता हासिल करने में कामयाब रहे। इस हिसाब से इस सत्र में जो बजट पेश किया जाएगा वह उनके तीसरे कार्यकाल का पहला बजट होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को सदन में केंद्रीय बजट पेश करेंगी जिसके बाद दोनों सदनों में चर्चा होगी। 18वीं लोकसभा के गठन के बाद पहले संसद सत्र में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने हाल ही में नीट विवाद, मणिपुर की स्थिति और महंगाई जैसे मुद्दों को उठाया था और नारेबाजी व शोरगुल के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई थी। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब के दौरान दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। लोकसभा में प्रधानमंत्री के जवाब के दौरान विपक्षी सांसदों ने मणिपुर पर बयान देने की मांग करते हुए नारेबाजी की जबकि राज्यसभा में विपक्ष ने वॉक आउट किया था
BY ANKITA SHUKLA
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