दिल्ली की राजनीति में सिर्फ एक साल में बहुत बदलाव आ गया है और यह अब लोगों को सड़क पर भी महसूस हो रहा है। हाल ही में दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राजधानी की हालत अब जनता के लिए परेशानी वाली हो गई है और लोग अरविंद केजरीवाल को याद करने लगे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने मजाकिया अंदाज में कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस एक घंटे लेट हुई, और इसके लिए दिल्ली और केंद्र सरकार को “धन्यवाद” देना चाहिए, क्योंकि तीन दिन से मध्य दिल्ली में इतना ट्रैफिक जाम है कि टैक्सी ड्राइवर भी वहां जाने से डर रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि 2025 से पहले जब आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली-पानी में सुधार दिख रहा था। मोहल्ला क्लीनिक गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए मददगार थे। सरकारी स्कूलों के रिजल्ट अच्छे थे, बिजली और पानी की सप्लाई सही थी, और लोग महसूस कर रहे थे कि सरकार उनके पास पहुंच रही है।
लेकिन अब एक साल में हालात बदल गए हैं। जब रेखा गुप्ता की सरकार के एक साल पूरे होने पर शहर में होर्डिंग लगे, जिन पर लिखा था:
“एक साल, दिल्ली बेहाल, याद आ रहे केजरीवाल”
तो इसमें किसी नेता या पीएम का फोटो नहीं था। यह सिर्फ जनता की भावनाओं को दिखा रहा था।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब लोग गलियों में पूछ रहे हैं –
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मोहल्ला क्लीनिक क्यों बंद या धीमे हैं?
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सरकारी अस्पतालों में लंबी लाइन क्यों?
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स्कूलों में सुधार क्यों नहीं दिख रहा?
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सड़कों पर ट्रैफिक जाम आम क्यों हो गया?
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पानी और सफाई की समस्या क्यों बढ़ गई?
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प्रदूषण कम होने की बजाय कई बार बढ़ गया।
उन्होंने बताया कि पहले अरविंद केजरीवाल का नाम हर घर में उस नेता के रूप में लिया जाता था, जिसने “वोट” के बजाय “काम” की बात की थी। स्कूल सुधरे, क्लीनिक खुले, बिजली-पानी में राहत मिली। यही कारण है कि अब जब लोग परेशानी महसूस कर रहे हैं, तो वे पुराने अच्छे समय को याद कर रहे हैं।
