पश्चिम बंगाल की सियासत में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदरूनी मतभेद चर्चा का विषय बने हुए हैं। पार्टी के वरिष्ठ सांसद Kalyan Banerjee ने कुछ दिन पहले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee पर तीखा हमला बोला था, लेकिन अब उनके तेवर नरम पड़ते दिखाई दे रहे हैं।
हाल ही में दिए एक बयान में कल्याण बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी उनके बेटे जैसे हैं और बेटे की गलतियों को माफ करना एक पिता का कर्तव्य होता है। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर सुलह और तनाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पहले लगाए थे गंभीर आरोप
कल्याण बनर्जी का यह बदला हुआ रुख इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ दिन पहले उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर पार्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि अभिषेक के व्यवहार और कार्यशैली की वजह से पार्टी को नुकसान हुआ है और संगठन के भीतर असंतोष बढ़ा है। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि पार्टी नेतृत्व को उनके और अभिषेक बनर्जी के बीच किसी एक को चुनना होगा। उस समय उनके बयान को TMC के अंदर बड़े राजनीतिक टकराव के संकेत के रूप में देखा गया था।
अब दिखाई नरमी
शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कल्याण बनर्जी ने अपने पुराने बयानों से अलग रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “अभिषेक मेरे बेटे जैसे हैं। बेटे की सभी गलतियों को माफ करना पिता का काम होता है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या पार्टी नेतृत्व ने अंदरूनी मतभेदों को कम करने के लिए कोई पहल की है या फिर यह विवाद अब शांत होने की ओर बढ़ रहा है।
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर जताई चिंता
कल्याण बनर्जी ने राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है और विपक्षी दलों के लिए काम करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐसी परिस्थितियां पहले कम देखने को मिली हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा जरूरी है।
BJP में जाने की अटकलों पर प्रतिक्रिया
हाल के दिनों में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि पार्टी के कुछ असंतुष्ट सांसद दूसरे राजनीतिक विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि जो लोग ऐसे फैसले लेना चाहते हैं, वे स्वतंत्र हैं, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए ऐसे कदम आसान नहीं होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेताओं द्वारा अपने क्षेत्रों के विकास को आधार बनाकर अलग राह चुनने की बातें की जा रही हैं, लेकिन वास्तविकता में जनता के बीच सक्रिय रहना सबसे महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस में विलय की संभावना से किया इनकार
कल्याण बनर्जी ने TMC और कांग्रेस के संभावित विलय की चर्चाओं को भी खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी का कांग्रेस में विलय करने का कोई सवाल नहीं है और ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।
