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गाजा में इजराइली हमले फिर शुरू, सीजफायर के बावजूद 300 से अधिक की मौत

इजराइल ने गाजा में फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। इजराइल डिफेंस फोर्सेस के मुताबिक वायुसेना ने गाजा में हमास के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। अल जजीरा के मुताबिक इन हमलों में अब तक 326 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं सैकड़ों घायल हैं।

19 जनवरी को इजराइल-हमास में शुरू हुए सीजफायर के बाद इजराइल का गाजा में यह सबसे बड़ा हमला है। इजराइली सेना का कहना है कि वह हमले की योजना बना रहे आतंकवादियों को निशाना बना रही थी।

इजराइल ने पिछले दो हफ्तों से गाजा में भोजन, दवाइयों, ईंधन और अन्य सप्लाई को रोक दिया है और मांग की है कि हमास संघर्ष विराम समझौते में बदलाव स्वीकार करे।

इजराइल की सख्त चेतावनी और हमास की प्रतिक्रिया

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमलों का बचाव करते हुए कहा कि यह कार्रवाई सीजफायर पर हो रही बातचीत में कोई प्रगति न होने के कारण की गई। नेतन्याहू ने पहले भी जंग को फिर से शुरू करने की धमकी दी थी। वहीं, इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने चेतावनी दी कि यदि इजराइल के बंधकों को रिहा नहीं किया गया तो गाजा में नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।

दूसरी ओर, हमास ने इन हमलों को सीजफायर का उल्लंघन बताया है और कहा है कि इस कदम से उसकी कैद में मौजूद इजराइली बंधकों की जान खतरे में आ गई है। हमास ने आरोप लगाया कि इजराइल ने बिना किसी उकसावे के यह हमले किए हैं, और इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

सीजफायर डील और बंधकों की रिहाई

सीजफायर का पहला फेज 1 मार्च को समाप्त हुआ, जिसमें हमास ने 33 इजराइली बंधकों को रिहा किया था, जिनमें 8 शव भी शामिल थे। इसके बदले में, इजराइल ने 2,000 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया। हालांकि, दूसरा फेज अब तक शुरू नहीं हो सका है, जिसमें लगभग 60 बंधकों को रिहा किया जाना था और युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करने पर बात होनी थी।

वर्तमान में, हमास के पास 24 जीवित इजराइली बंधक और 35 शव हैं, और दोनों पक्षों के बीच सीजफायर के दूसरे फेज पर कोई ठोस बातचीत शुरू नहीं हो पाई है।

सीजफायर डील के तीन फेज

इजराइल और फिलिस्तीन के बीच सीजफायर डील तीन फेज में पूरी होनी थी। पहले फेज में 19 जनवरी से 1 मार्च तक युद्धविराम हुआ था, और हमास ने 33 इजराइली बंधकों को रिहा किया था। इसके बदले इजराइल ने रोजाना 33 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया। हर एक इजराइली महिला सैनिक के बदले 50 फिलिस्तीनी बंदियों की रिहाई तय की गई थी।

दूसरे फेज की योजना 3 फरवरी तक शुरू होनी थी, जिसमें बाकी बंधकों की रिहाई होनी थी। हालांकि, बातचीत में कोई प्रगति नहीं हो पाई है। इस फेज में इजराइल ने 1,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने का वादा किया था, जिनमें से लगभग 190 कैदी 15 साल से ज्यादा समय से सजा काट रहे थे।

तीसरे फेज में गाजा को फिर से बसाने की योजना थी, जिसे पूरा होने में 3 से 5 साल का समय लग सकता था। इस फेज में हमास के कब्जे में मारे गए इजराइली बंधकों के शवों को भी इजराइल को सौंपा जाना था।

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