भारतीय सेना को अपने पहले स्वदेशी मैन-पोर्टेबल आत्मघाती ड्रोन मिल गए हैं। इन सुसाइड ड्रोन के आने से जवान अब अपनी जिंदगी खतरे में डाले बिना दुश्मन को टारगेट कर सकते हैं। ये ड्रोन्स दुश्मनों के प्रशिक्षण शिविर, लॉन्च पैड और घुसपैठियों पर सटीक निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, नागास्त्र 1 लोइटरिंग म्यूनिशन का पहला बैच, जिसे आत्मघाती ड्रोन के रूप में भी जाना जाता है, सेना को मिल गया है। इन ड्रोन की खासियत पर गौर करें तो जरूरत पड़ने पर ये सीमा पार हमले करने की भी क्षमता रखते हैं। सेना ने इमरजेंसी खरीद शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन का ऑर्डर दिया था।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध और कमजोर इमारतों का खतरा…
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला…
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव…
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में पीलिया और डायरिया के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता…
नेपाल के नुवाकोट जिले में राहत और बचाव अभियान के दौरान एक बेहद हैरान करने…
हिमाचल प्रदेश के मंडी में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक…