I Love Mohammed poster controversy: बरेली में गहराया ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद !
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में ‘आई लव मोहम्मद’ (I Love Mohammed poster controversy) लिखे पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस मामले को लेकर आईएमसी (इत्तेहाद मिल्लत काउंसिल) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने जुमे के दिन बड़े स्तर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था…जिसके बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं, और पूरे शहर में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
शुक्रवार को संभावित प्रदर्शन और भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए बरेली के संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य समेत वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में फ्लैग मार्च (I Love Mohammed poster controversy) कर स्थानीय जनता को सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दिया गया। इस दौरान अधिकारियों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि, वे किसी भी अफवाह या भड़काऊ बयानबाज़ी में न आएं और शांति बनाए रखें।

प्रशासन ने जिले में धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत बिना अनुमति के कोई भी धरना-प्रदर्शन, रैली या सार्वजनिक सभा आयोजित नहीं की जा सकती। डीएम ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया के माध्यम से यह सूचना प्राप्त हुई है कि कुछ संगठन धरना-प्रदर्शन का आयोजन कर सकते हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने पूरी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
डीएम ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन धारा 163 का उल्लंघन करते हुए बिना इजाजत प्रदर्शन करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे किसी प्रकार की कानून व्यवस्था बिगाड़ने (I Love Mohammed poster controversy) वाली गतिविधि में शामिल न हों और प्रशासन का सहयोग करें।
दरअसल, बरेली में कुछ स्थानों पर ‘आई लव मोहम्मद’ (I Love Mohammed poster controversy) लिखे पोस्टर लगाए गए थे, जिसे लेकर समाज के कुछ वर्गों में नाराज़गी देखी जा रही है। इस मुद्दे ने तूल तब पकड़ा जब मौलाना तौकीर रजा ने शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया। मौलाना की इस घोषणा के बाद पुलिस-प्रशासन ने तैयारी और तेज़ कर दी है।

हालांकि, प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर आईएमसी का एक पत्र वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया कि प्रदर्शन रद्द कर दिया गया है। लेकिन कुछ ही देर बाद मौलाना तौकीर रजा ने खुद एक वीडियो बयान जारी कर इस पत्र को फर्जी बताया और स्पष्ट किया कि प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।
इस घोषणा के बाद शहर में तनाव की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन (I Love Mohammed poster controversy) ने न केवल फ्लैग मार्च कराया, बल्कि ड्रोन से निगरानी भी शुरू कर दी है। ड्रोन कैमरों के ज़रिए संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र और अन्य संवेदनशील चौराहों पर लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं। भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों द्वारा खुद मोर्चा संभाला गया है। एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी और एडीएम समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी सड़क पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल जिले में शांति है, लेकिन जुमे की नमाज़ के बाद प्रदर्शन की घोषणा को देखते हुए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। स्थानीय खुफिया इकाइयों को भी सक्रिय कर दिया गया है, ताकि प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके और कानून व्यवस्था (I Love Mohammed poster controversy) को प्रभावित करने वाली किसी भी कोशिश को तुरंत नाकाम किया जा सके।
बरेली प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार हालात पर नज़र रखे हुए है और किसी भी प्रकार की गतिविधि को नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
फिलहाल, बरेली (I Love Mohammed poster controversy) में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है, ड्रोन से निगरानी हो रही है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का दावा है कि वह किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है।

