हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाहीहिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बीती शाम अचानक हुई भारी बारिश ने तबाही मचा दी। सुंदरनगर के जंगम बाग में BBMB कॉलोनी के पास हुए भुस्खलन की वजह से एक पूरा परिवार ही मलबे में दबा दिया। गुरप्रीत सिंह और उनका परिवार इस आपदा में पूरी तरह से फंस गया

हादसे में गुरप्रीत की पत्नी भारती, उनकी 2.5 साल की बेटी कीरत, मां सुरेंद्र कौर और गुरप्रीत स्वयं समेत कुल सात लोगों की मौत हो गई।

दरअसल हादसे के समय घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि, पहाड़ी से मलबा गिरने के तुरंत बाद दबे लोगों की आवाजें सुनाई दीं। इस घटना के साक्षी ने बताया कि मलबे में दबे लोग लंबे समय तक मदद के लिए चिल्लाते रहे।

हालांकि रेस्क्यू टीम ने इस घटना के तुरंत बाद ही गुरप्रीत की पत्नी भारती और बेटी कीरत को निकालने का प्रयास किया, लेकिन दोनों को अस्पताल ले जाते समय मृत घोषित कर दिया गया

वही गुरप्रीत का शव रात करीब डेढ़ बजे, जबकि उनकी मां का शव सुबह 5 बजे मलबे से निकाला गया। सभी शव सुंदरनगर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए रखे गए हैं, जिसके बाद परिवार को सौंपे जाएंगे।
गुरप्रीत सिंह सुंदरनगर में प्राइवेट बस चलाते थे और BBMB कॉलोनी में ही रहते थे।

उनका घर अचानक आई लैंडस्लाइड की चपेट में आ गया। इस हादसे में उनके अलावा स्कूटी सवार प्रकाश शर्मा और टाटा सुमो चालक राहुल भी मलबे में दब गए। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी बारिश बाधक बनी इस के बावजूद पुलिस और NDRF टीम ने लगातार प्रयास किया।

रात 11 बजे मलबे में सुमो का बंपर मिला, जिससे उसके दबने का अंदेशा हुआ। सुबह करीब 9.46 बजे सुमो और ड्राइवर का शव बरामद किया गया।

वहीं मंडी जिले में भी बीते 24 घंटे में लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुंदरनगर के अलावा जोगिंद्रनगर के कुंडुनी गांव में भी लैंडस्लाइड की आशंका के चलते पूरा गांव खाली करवा दिया गया। लोग अपने पालतू पशुओं के साथ सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किए गए।

आपकों बता दें कि मंडी के अलावा कुल्लू जिले के अखाड़ा बाजार में देर रात दो मकान गिर गए। इनमें दबे दो लोगों की तलाश जारी है। शिमला के रामपुर में विश्वकर्मा मंदिर का एक हिस्सा टूट गया, जबकि किन्नौर में NH-5 पर खड़े पांच ट्रक पहाड़ी से गिरने वाले पत्थरों से क्षतिग्रस्त हो गए।

प्रदेश में जारी भारी बारिश के चलते शिमला, सोलन, चंबा, सिरमौर, कुल्लू, मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा में सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। जिलों के डीसी ने स्कूलों के मुखिया को निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन क्लासेज शुरू की जाएं।

वहीं मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में अत्यधिक बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बिलासपुर, हमीरपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

प्रदेश में लैंडस्लाइड और बारिश के कारण अब तक 1333 सड़कें बंद हो चुकी हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए NDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि लैंडस्लाइड के समय स्कूटी और सुमो वाहन भी उसी मार्ग से गुजर रहे थे। अचानक मलबा आने से वाहन चालक और स्कूटी सवार दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि ऐसी आपदाओं से बचाव के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक सतर्कता जरूरी है।

मंडी और कुल्लू के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने साथ ही प्रभावित इलाकों में राहत शिविर स्थापित किए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। मौसम विभाग ने निवासियों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

वही प्रदेश प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को सहायता राशि देने का ऐलान किया है। साथ ही प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने और सड़कें खोलने का काम तेज़ कर दिया गया है। प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और राहत देने का काम कर रहे है।

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