THUMB 8

channel4news logoCHANNEL4 NEWS INDIA


हरियाणा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर निशित कटारिया की नियुक्ति ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। दरअसल इस नियुक्ति को लेकर सबसे बड़ा सवाल निशित कटारिया के राजनीतिक रिश्तों पर उठाया जा रहा है। उनका विवाह बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की बेटी से हुआ है। इतना ही नहीं एक आरटीआई कार्यकर्ता  ओमप्रकाश कटारिया  ने आरोप लगाते हुए कहा है कि निशित के पिता सुखबीर कटारिया पर गुरुग्राम में 40 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इनमें सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा, फर्जी वोटर कार्ड बनवाना, करोड़ों की धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इनमें से एक केस खुद निशित कटारिया पर भी गुरुग्राम की अदालत में विचाराधीन है।

सुखबीर कटारिया पर फर्जी वोट जोड़ने का आरोप

साल 2009 के विधानसभा चुनाव में सुखबीर कटारिया पर 32,000 फर्जी वोट जोड़ने और वैध वोट काटने का आरोप लग चुका है। इस मामले में चुनाव आयोग और न्यायालय की निगरानी में कार्रवाई हुई थी, और इसके बाद वे चुनाव हार गए थे। उनके पुत्र निशित कटारिया भी पार्षद का चुनाव नहीं जीत पाए, ऐसे में उन्हें हरियाणा जैसे बड़े राज्य की युवा कांग्रेस की कमान सौंपना, जिन कार्यकर्ताओं ने ज़मीन से संघर्ष किया है, उनके साथ अन्याय है। ऐसे में माना जा रहा है कि बात सिर्फ राजनीतिक नियुक्ति की नहीं है, बल्कि निष्पक्षता और संगठन के प्रति समर्पित युवाओं की मेहनत के अपमान की भी है। जिन निशित कटारिया को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई है, वे गुरुग्राम नगर निगम चुनाव में अपने ही वार्ड से हार चुके हैं। अब सवाल यह है — क्या कांग्रेस संगठन में समर्पण, संघर्ष और अनुभव की कोई अहमियत नहीं बची? क्योंकि ये तो राहुल गांधी आदेशों की सीधी-सीधी उल्लंघना है।