हरियाणा IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस
हरियाणा के वरिष्ठ IPS अफसर वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी, DGP शत्रुजीत कपूर और रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया समेत 15 अफसरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ये हरियाणा के इतिहास में पहली बार है, जब इतने बड़े स्तर के प्रशासनिक अफसरों पर एक साथ मुकदमा दर्ज हुआ हो।
चंडीगढ़ पुलिस ने पूरन कुमार के सुसाइड नोट को आधार मानते हुए सेक्टर-11 थाना में FIR नंबर 156 दर्ज की है। ये FIR भारत न्याय संहिता की धारा 108, 3(5) और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत की गई है। मामला दर्ज होने के साथ ही जांच के लिए IG पुष्पेंद्र कुमार की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय SIT गठित की गई है।
IPS पूरन कुमार की पत्नी और IAS अफसर अमनीत पी. कुमार ने दर्ज की गई FIR पर आपत्ति जताई है। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस को एक आवेदन देकर कहा कि, आरोपियों के नाम अलग कॉलम में दर्ज नहीं किए गए हैं, जिससे जांच में भ्रम की स्थिति बन सकती है।
उन्होंने मांग की कि, FIR को फिक्स फॉर्मेट में दोबारा लिखा जाए और सभी आरोपियों के नाम स्पष्ट रूप से शामिल किए जाएं। इस मुद्दे पर उनकी चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर से काफी तीखी बहस भी हुई।

अमनीत के असहमति जताने की वजह से पूरन कुमार का पोस्टमॉर्टम चौथे दिन भी नहीं हो पाया है। प्रशासन ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि, जांच निष्पक्ष होगी… इसी के तहत पूरन कुमार के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पूरन कुमार के परिवार ने साफ कहा है कि, जब तक DGP शत्रुजीत कपूर को पद से हटाया नहीं जाता और SP नरेंद्र बिजारणिया की गिरफ्तारी नहीं होती, वे न पोस्टमॉर्टम कराएंगे, न अंतिम संस्कार करेंगे। मामले को संभालने के लिए सरकार ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार को जिम्मेदारी दी है।
पंवार ने बीते दो दिनों में अमनीत पी. कुमार से दो बार मुलाकात की और परिवार को मनाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, DGP शत्रुजीत कपूर की छुट्टी तय मानी जा रही है। सरकार ने नए DGP के लिए तीन नामों पर विचार कर दिया है जिनमें ओपी सिंह (IPS), आलोक मित्तल (IPS), अरशिंद्र सिंह चावला (IPS) शामिल है।
आपको बता दे कि, ओपी सिंह की रिटायरमेंट निकट होने के चलते सरकार आलोक मित्तल या अरशिंद्र सिंह चावला में से किसी एक को नया DGP बनाने पर विचार कर रही है। आलोक मित्तल पहले से ही DGP रैंक पर प्रमोट हो चुके हैं और बीती रात उन्हें CM नायब सैनी के साथ मीटिंग करते भी देखा गया।

पूरन कुमार के आत्महत्या प्रकरण की जांच के लिए 6 सदस्यीय SIT गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता IG पुष्पेंद्र कुमार करेंगे। टीम में चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। SIT का मुख्य फोकस ये पता लगाना होगा कि,क्या पूरन कुमार पर जातिगत आधार पर उत्पीड़न हुआ था? क्या वरिष्ठ अफसरों ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया?
सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम हैं, उनकी भूमिका क्या रही?SIT को 10 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
वाई पूरन कुमार की आत्महत्या को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने भी दखल दे दिया है। कमीशन के चेयरमैन अशोक मकवाना शुक्रवार को पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार से मिलने उनके घर जाएंगे।
आयोग ने पहले ही चंडीगढ़ के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पूरन कुमार की आत्महत्या को लेकर आयोग ने इसे “गंभीर प्रशासनिक असफलता” बताया है।
पूरन कुमार के परिवार की ओर से गुरुवार शाम सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर इसे रद्द कर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि, परिवार अभी कानूनी सलाह ले रहा है और जांच में किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं चाहता। इस बीच, परिवार के आवास पर भारी पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई है।

