हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी तीनों फॉर्मेट की कप्तानी

भारतीय महिला क्रिकेट टीम से एक बड़ी खबर सामने आई है। टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अब तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी।

हरमनप्रीत ने कहा कि कप्तानी छोड़ना उनके लिए बिल्कुल आसान फैसला नहीं था। करीब एक दशक के इस सफर में उन्होंने टीम के साथ कई उतार-चढ़ाव देखे। मुश्किल हार, आलोचना और दबाव के साथ-साथ बड़ी जीत और यादगार पल भी उनके इस सफर का हिस्सा रहे।

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हरमनप्रीत ने कहा कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को अपना पूरा समय और मेहनत दी। कई मौकों पर उन्होंने टीम की जरूरतों को अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर रखा। कप्तान रहते हुए उन्हें कई ऐसे फैसले भी लेने पड़े, जिन्हें हर कोई समझ नहीं पाया। लेकिन उनका मकसद हमेशा टीम को बेहतर बनाना और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना रहा।

हरमनप्रीत ने अपने संदेश में यह भी कहा कि कप्तानी छोड़ते समय उनके दिल में भावनाएं जरूर हैं, लेकिन उन्हें सुकून भी है। उन्हें भरोसा है कि भारतीय महिला टीम के पास काफी टैलेंट है और आने वाला समय अच्छा रहने वाला है। अब अगर उनके कप्तानी रिकॉर्ड की बात करें तो टी20 इंटरनेशनल में हरमनप्रीत ने भारत की 155 मैचों में कप्तानी की। इनमें टीम ने 92 मुकाबले जीते। उनका जीत प्रतिशत करीब 59 फीसदी रहा।

वनडे में उन्होंने 51 मैचों में टीम की कप्तानी की, जिसमें भारत ने 30 मुकाबले जीते। यहां भी उनका जीत प्रतिशत करीब 59 फीसदी रहा। टेस्ट में तो उनका रिकॉर्ड और भी शानदार रहा। हरमनप्रीत ने 5 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की, जिसमें टीम को 4 मैचों में जीत मिली और सिर्फ एक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। उनका टेस्ट कप्तानी जीत प्रतिशत 80 फीसदी रहा।

कप्तानी के अलावा बल्ले से भी हरमनप्रीत का योगदान काफी बड़ा रहा है। टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल को मिलाकर उनके नाम 9000 से ज्यादा रन हैं। वनडे में उन्होंने 4500 से ज्यादा रन बनाए हैं, जबकि टी20 इंटरनेशनल में भी उनके नाम 4300 से ज्यादा रन हैं।

हरमनप्रीत का यह फैसला BCCI की रिव्यू मीटिंग के बाद सामने आया। गुवाहाटी में हुई इस बैठक में भारतीय महिला टीम के हालिया प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में हरमनप्रीत के साथ स्मृति मंधाना और हेड कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद थे।

हरमनप्रीत ने 2016 में टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। इसके बाद 2022 में उन्हें वनडे की कप्तानी मिली और 2023 में वह तीनों फॉर्मेट की कप्तान बन गईं। अब कप्तानी की जिम्मेदारी किसी और खिलाड़ी को सौंपी जाएगी। हालांकि, हरमनप्रीत ने क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है। वह बतौर खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए खेलती रहेंगी और अब उनका फोकस अपने प्रदर्शन पर ज्यादा रहेगा। अपने संदेश के अंत में हरमनप्रीत ने साफ कर दिया कि कप्तानी भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट के साथ उनका सफर अभी जारी है।

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By admin