GURJAR AARAKSHAN NEWS

GURJAR AARAKSHAN NEWS : आरक्षण की ‘आग’ में फिर जलेगा राजस्थान, बैंसला ने दी चेतावनी ?

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजय बैंसला ने 8 जून को भरतपुर जिले के पीलूपुरा में एक बड़ी महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया है। यह स्थान इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि यहीं से 2008 में उनके पिता स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने गुर्जर आरक्षण आंदोलन की शुरुआत की थी, जिसने राजस्थान की राजनीति और सामाजिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव डाला था। इस बार भी पीलूपुरा में होने वाली महापंचायत को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि गुर्जर समाज एक बार फिर अपने अधिकारों के लिए सशक्त संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।

पीलूपुरा के शहीद स्मारक पर गुर्जर आरक्षण आंदोलन की 18वीं बरसी पर शुक्रवार को एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में शहीद हुए 73 गुर्जरों को याद किया गया। सभा में दो मिनट का मौन रखकर और हवन-यज्ञ के माध्यम से मृतक शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान विजय बैंसला ने स्पष्ट किया कि 8 जून को पीलूपुरा में महापंचायत होगी, जिसमें गुर्जर समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर आगामी रणनीति तय की जाएगी।

पत्रिका डॉट कॉम से बातचीत में विजय बैंसला ने सरकार द्वारा आंदोलन के समय किए गए समझौतों को पूरा न किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एमबीसी (मिनिमम बैकवार्ड क्लास) आरक्षण को अभी तक संविधान की नवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है, जो गंभीर मामला है। इसके अलावा आंदोलन के दौरान मारे गए शहीदों के परिवारों को सरकारी नौकरियां नहीं मिली हैं, जो एक बड़ी असमंजस की स्थिति है।

बैंसला ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया है, जिससे समाज में रोष बना हुआ है। सरकारी भर्तियों में बैकलॉग और रोस्टर प्रणाली में अनियमितताएं जारी हैं, जो गुर्जर समुदाय की चिंता का विषय हैं। उन्होंने देवनारायण योजना में भी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन सब मुद्दों पर भी महापंचायत में विचार किया जाएगा।

महापंचायत के महत्व को देखते हुए स्थानीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत ने स्मारक के विकास के लिए विधायक कोष से 21 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की। इस मौके पर गुर्जर आरक्षण आंदोलन के मुख्य प्रेरक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के योगदान को भी याद किया गया, जिन्होंने गुर्जर समाज के लिए अपनी जान की परवाह न करते हुए इस आंदोलन की अगुवाई की थी।

श्रद्धांजलि सभा में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष भूरा भगत, पूर्व सरपंच श्रीराम बैसला, दीवान शेरगढ़, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष ऋषि बंसल, पूर्व सैनिक संघ अध्यक्ष बलराम कांवर, मानसिंह बैसला, गुर्जर महासभा के तहसील अध्यक्ष हरीराम अमीन, नरोत्तम तंवर, सत्यप्रकाश छाबड़ी सहित समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की यह महापंचायत आगामी दिनों में आरक्षण से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा करेगी। पिछले समझौतों के कार्यान्वयन में देरी और अनदेखी ने गुर्जर समाज में नाराजगी बढ़ाई है। ऐसे में यह महापंचायत न केवल विचार-विमर्श का मंच बनेगी बल्कि नए आंदोलन की शुरुआत भी हो सकती है।

राजनीतिक दलों के लिए भी यह एक चेतावनी है कि गुर्जर समुदाय के मुद्दों को गंभीरता से लेना होगा, अन्यथा यह सामाजिक अशांति का रूप भी ले सकता है। 8 जून को पीलूपुरा में होने वाली इस महापंचायत का राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक नजरिए से विशेष महत्व रहेगा।

भरतपुर के पीलूपुरा में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की 8 जून की महापंचायत आगामी राजनीति और सामाजिक स्थिरता के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। पुराने वादों की अनदेखी और लंबित मांगों के चलते गुर्जर समाज फिर से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने को तैयार दिख रहा है। आगामी दिनों में इस महापंचायत के निर्णयों पर सभी नजरें टिकी होंगी।

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