Categories: देश

पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन! अब 10 साल की जेल और ₹1 करोड़ तक जुर्माना?

देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार कानून को और सख्त बनाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में कई अहम संशोधन किए जा सकते हैं। इन प्रस्तावित बदलावों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद संसद के मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है।

क्या होंगे नए बदलाव?

प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, परीक्षा में पेपर लीक या संगठित नकल जैसे अपराधों पर पहले से अधिक कड़ी सजा का प्रावधान किया जा सकता है।

पेपर लीक के दोषियों को 5 से 10 साल तक की जेल हो सकती है।

अधिकतम जुर्माना बढ़ाकर ₹1 करोड़ तक किया जा सकता है।

मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट को अधिक अधिकार दिए जा सकते हैं।

परीक्षा में धांधली करने वाले संगठित गिरोहों पर और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल व्यक्तिगत स्तर पर पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी करने के मामलों में 3 से 5 साल तक की सजा और ₹10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, संगठित अपराध के मामलों में 5 से 10 साल तक की जेल और कम से कम ₹1 करोड़ जुर्माना लगाया जा सकता है। सेवा प्रदाताओं (Service Providers) पर भी ₹1 करोड़ तक जुर्माना लगाने का प्रावधान मौजूद है।

सरकार क्यों कर रही है संशोधन?

सरकार का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और छात्रों का भरोसा मजबूत करने के लिए कानून को और प्रभावी बनाना जरूरी है। हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद सख्त कार्रवाई की मांग लगातार उठती रही है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

विपक्षी दलों का कहना है कि 2024 का कानून पहले से लागू है, इसलिए नया संशोधन लाने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मौजूदा कानून का प्रभावी तरीके से पालन हो। उनका सवाल है कि केवल सजा बढ़ाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि कानून के सही क्रियान्वयन पर भी ध्यान देना होगा।

NEET पेपर लीक मामले का भी जिक्र

सरकार ने यह भी बताया है कि NEET पेपर लीक मामले में 2024 के कानून के तहत आरोपियों पर कार्रवाई की गई थी। इस मामले की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट भी बनाया गया है, ताकि जल्द फैसला हो सके।

क्या होगा आगे?

यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है, तो सरकार मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में संशोधन विधेयक संसद में पेश कर सकती है। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने पर नए प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कड़ा अंकुश लगाना है।

admin

Recent Posts

एमसीडी सदन में भारी हंगामा, महापौर के आसन पर फेंके कागज

एमसीडी सदन में बवाल: महापौर के आसन पर रखे कागज फेंके, माइक तोड़कर नीचे पटका,…

37 minutes ago

एमसीडी सदन में भारी हंगामा, महापौर के आसन पर फेंके कागज

एमसीडी सदन में बवाल: महापौर के आसन पर रखे कागज फेंके, माइक तोड़कर नीचे पटका,…

37 minutes ago

नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस पर दिया न्योता

नेतन्याहू की पीएम मोदी से बात: इस्राइली स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता,…

47 minutes ago

पीडब्ल्यूडी सचिव ने सड़कों, पुलों, कॉलेज भवन और विश्राम गृह का किया निरीक्षण, गुणवत्ता में लापरवाही पर जताई नाराजगी….

रायपुर: लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज राजनांदगांव और डोंगरगांव…

48 minutes ago

अबूझमाड़ के मुहाने पर जलापूर्ति की नई मिसाल, जल जीवन मिशन से बदली ग्राम कचोरा की तस्वीर….

रायपुर: छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों तक मूलभूत सुविधाओं और शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाने की…

50 minutes ago