हरियाणा दिवस पर महिलाओं को तोहफाहरियाणा दिवस पर महिलाओं को तोहफा

हरियाणा दिवस पर महिलाओं को तोहफा

 

हरियाणा दिवस के मौके पर राज्य सरकार ने जनता के लिए कई अहम फैसले लिए। पंचकूला में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ की पहली किस्त जारी की।

इस मौके पर उन्होंने बताया कि, 5,22,162 महिलाओं के बैंक खातों में ₹2100 प्रति लाभार्थी के हिसाब से कुल ₹109 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। ये कदम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मिशन को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है

CM सैनी ने कहा कि, सरकार ने पार्टी के 217 वादों में से अब तक 47 वादे पूरे कर लिए हैं, जबकि 158 वादों पर काम तेजी से चल रहा है।

इस अवसर पर राज्य की स्थापना दिवस पर तीन बड़े बदलावों की भी शुरुआत की गई—पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम, ऑनलाइन निशानदेही प्रक्रिया और सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील में पारंपरिक मिठाइयों की शामिल किया गया।

WhatsApp Image 2025 11 01 at 5.51.37 PM

हरियाणा दिवस पर लाडो लक्ष्मी योजना की पहली किस्त जारी की गई। साथ ही CM सैनी ने बताया कि, इस योजना के लिए अब तक 6.97 लाख महिलाओं ने आवेदन किया है, जिनमें 6.51 लाख विवाहित और 46,168 अविवाहित महिलाएं शामिल हैं।

करीब 1.75 लाख आवेदन अभी लंबित हैं। इस योजना के तहत पहले फैमिली आईडी के आधार पर पात्रता तय की जाती थी, लेकिन अब आधार कार्ड और आय प्रमाण के डेटा के आधार पर लाभार्थियों की पहचान की गई है। जिससे पात्रों की संख्या अनुमान से थोड़ी कम रही

इस योजना के मोबाइल ऐप को अब तक 10 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। CM सैनी ने इसे राज्य की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में “हरियाणा का ऐतिहासिक कदम” बताया।

वहीं 1 नवंबर से राज्य की सभी तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम लागू कर दिया गया है। ये सिस्टम पहले CM सैनी के गृह जिले कुरुक्षेत्र के बाबैन तहसील में ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया था।

अब पूरे राज्य में रजिस्ट्री डिजिटल तरीके से होगी, जिससे न तो लंबी कतारें लगेंगी और न ही कागजी प्रक्रिया में समय बर्बाद होगा। साथ ही अब मालिकाना हक का रिकॉर्ड अपडेट भी डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।

ये सुविधा 20 नवंबर से सभी तहसीलों में उपलब्ध होगी। हरियाणा में हर साल करीब 7 लाख रजिस्ट्री होती हैं, जिनमें से कई लंबे समय तक पेंडिंग रहती थीं। अब सरकार ने इस सप्ताह सभी लंबित इंतकाल मामलों को निपटाने का लक्ष्य तय किया है।

साथ ही सरकार ने जमीन की निशानदेही प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब आवेदन केवल पोर्टल के माध्यम से होंगे, ऑफलाइन आवेदन बंद कर दिए गए हैं। फीस भी आम जनता को ध्यान में रखकर तय की गई है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र: ₹1000 + प्रति एकड़ ₹500 अतिरिक्त, शहरी क्षेत्र: ₹2000 फिक्स फीस रखी गई है।

नई प्रक्रिया जीपीएस-इनेबल्ड रोवर तकनीक पर आधारित होगी, जिससे जमीन की सही पहचान और सीमांकन में त्रुटियों की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। इस प्रक्रिया का अनुमोदन संबंधित सर्कल रेवेन्यू ऑफिसर और कानूनगो द्वारा किया जाएगा।

वहीं राज्य सरकार ने बच्चों के पोषण और स्वाद दोनों को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। अब सरकारी स्कूलों में हफ्ते में एक बार मिड-डे मील में खीर और पिन्नी दी जाएगी।

ये निर्णय 1 नवंबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक के लिए लागू रहेगा। योजना के अंतर्गत बाल वाटिका से लेकर आठवीं कक्षा तक के करीब 15 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। ये पहल हरियाणा एग्रीकल्चर इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड (HAICL) के सहयोग से लागू की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे बच्चों का भोजन न केवल पोषक हो, बल्कि भारतीय परंपराओं से जुड़ा भी रहे।”

हरियाणा दिवस पर पंचकूला में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। 1 नवंबर को गवर्नर असीम घोष और CM सैनी ने संयुक्त रूप से समारोह का शुभारंभ किया। राज्य गीत के चलचित्र का विमोचन हुआ और पारंपरिक व्यंजन, प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन किया गया।

वहीं 2 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रदर्शनी और सांस्कृतिक मंच आम जनता के लिए खुले रहेंगे। इस दौरान राज्यभर से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
साथ ही 3 नवंबर को समापन समारोह में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और राज्य की उपलब्धियों पर आधारित झांकियां दिखाई जाएंगी।

CM सैनी ने कहा कि, ये समारोह केवल राज्य की स्थापना का जश्न नहीं, बल्कि “हरियाणा की प्रगति और परंपरा का उत्सव” है।

CM सैनी ने हरियाणा दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि, “हरियाणा आज विकास, डिजिटल गवर्नेंस और महिला सशक्तिकरण में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। लाडो लक्ष्मी योजना, पेपरलेस रजिस्ट्री और स्कूल भोजन सुधार—तीनों हमारे ‘जन-कल्याण और पारदर्शिता’ के संकल्प के प्रतीक हैं।”