भारतीय कृषि और सहकारिता क्षेत्र के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण सामने आया है। अमरेली जिला सहकारी क्षेत्र से जुड़े और इफको के चेयरमैन दिलीप संघाणी को नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेस (NAAS) द्वारा प्रतिष्ठित “NAAS इंडस्ट्री अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि से पूरे सहकारी आंदोलन में खुशी का माहौल है। यह पुरस्कार कृषि विकास, किसान कल्याण, सहकारी आंदोलन के सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान के लिए प्रदान किया गया। NAAS की वार्षिक आम सभा के दौरान 5 जून को यह सम्मान प्रदान किया गया, जिसमें देशभर के कई प्रमुख सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान दिलीप संघाणी अमेरिका दौरे पर होने के कारण स्वयं उपस्थित नहीं हो सके। उनकी ओर से यह सम्मान अमरेली जिला सहकारी खरीद-विक्रय संघ के अध्यक्ष जयंतिभाई पानसुरिया ने ग्रहण किया। दिलीप संघाणी को सहकारिता क्षेत्र में उनके लंबे समय से किए जा रहे कार्यों के लिए जाना जाता है। उनके नेतृत्व में सहकारी आंदोलन को नई दिशा मिली है और किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ग्रामीण विकास और सहकारिता के विस्तार में उनके योगदान को अहम माना जाता है।
इस सम्मान को लेकर अमरेली जिले में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर इसे केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे सहकारी क्षेत्र और किसानों की जीत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात का सहकारी मॉडल अब देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है। दिलीप संघाणी के नेतृत्व में किए गए प्रयासों ने सहकारिता को मजबूत आधार दिया है और इसे आधुनिक कृषि व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
NAAS द्वारा दिया गया यह सम्मान भारतीय कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान का प्रतीक माना जा रहा है, जो आने वाले समय में सहकारी आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
