DELHI MCD BY ELECTION RESULT 2025: BJP-7, AAP-3 तो CONG ने जीती 1 सीट, चांदनी महल सीच से AIFB के इमरान जीते
दिल्ली MCD उपचुनावों के नतीजों ने एक बार फिर ये साबित कर दिया है कि, राजधानी की सत्ता और सियासत भले ही बदल जाए, लेकिन पुरानी दिल्ली के एक खास इलाके में दिग्गज नेता शोएब इकबाल का सियासी वर्चस्व टस से मस नहीं हुआ है। तमाम सरकारों के आने-जाने के बावजूद, इकबाल का राजनीतिक दबदबा मजबूती से कायम है। एमसीडी उपचुनाव में अपने पसंदीदा उम्मीदवार को जिताकर उन्होंने न सिर्फ अपने गढ़ को बचाया है, बल्कि आम आदमी पार्टी को एक महंगा सबक भी सिखाया है।
दिल्ली एमसीडी की 12 सीटों पर हुए उपचुनाव के घोषित नतीजों में, चांदनी महल वार्ड (वार्ड नंबर 74) से मिली जीत सबसे अधिक चर्चा में रही है। इस सीट से ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) के प्रत्याशी मोहम्मद इमरान ने जीत दर्ज की है। मोहम्मद इमरान की ये जीत केवल एक सीट की जीत नहीं है, बल्कि ये शोएब इकबाल की राजनीतिक ताकत की जीत है, जिन्होंने इमरान को समर्थन दिया।

वहीं, दिल्ली एमसीडी उपचुनाव के नतीजों का सार देखें तो… उसमें बीजेपी ने 7 सीटें जीतीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने 3 सीट जीती… और कांग्रेस के खाते में एक सीट आई….वहीं, अन्य (AIFB) ने एक सीट हासील की है… इस चुनाव में जहां बीजेपी को दो सीटों का झटका लगा है, वहीं कांग्रेस को एक सीट का फायदा हुआ है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात ये रही कि ‘अन्य’ को मिली एक सीट, जिस पर पहले AAP का कब्जा था। शोएब इकबाल को नाराज करना AAP को बेहद महंगा पड़ा, और इस एक सीट की हार ने पार्टी के हाथ से बीजेपी पर बढ़त बनाने का एक बेहतर मौका छीन लिया।
वहीं, आम आदमी पार्टी के लिए हार का समीकरण देखें तो, चांदनी महल सीट का उपचुनाव इसलिए हो रहा था क्योंकि यहां से पार्षद रहे आले मोहम्मद इकबाल (शोएब इकबाल के बेटे) विधायक बन गए थे। विधायक बनने से पहले, आले मोहम्मद इकबाल ने 2022 में ये सीट आम आदमी पार्टी के टिकट पर सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीती थी… तब उन्हें 19,191 वोट मिले थे और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 17,134 वोटों के भारी अंतर से हराया था। वहीं, इस उपचुनाव में शोएब इकबाल अपने पसंदीदा कैंडिडेट को AAP से टिकट दिलवाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उनकी मर्जी के नेता को टिकट नहीं दिया। जिससे नाराज होकर शोएब इकबाल ने AAP छोड़ दी और उन्होंने ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के बैनर तले मोहम्मद इमरान को चुनाव लड़ाया। शोएब इकबाल की नाराजगी AAP को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा गई। AIFB के मोहम्मद इमरान ने अपने प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी के मुदस्सर उस्मान को 4,692 वोटों के बड़े अंतर से हराया। इमरान को 11,814 वोट मिले, जबकि उस्मान को 7,122 वोट मिले। 2022 की तरह इस बार भी चांदनी महल की जीत सबसे बड़ी जीत रही, लेकिन इस बार जीत का श्रेय शोएब इकबाल को गया।
तीन दशकों का सियासी वर्चस्व शोएब इकबाल का सियासी दबदबा.. चांदनी महल वार्ड और मटिया महल विधानसभा सीट पर तीन दशकों से भी अधिक समय से कायम है। वो मटिया महल विधानसभा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं। केवल 2015 के विधानसभा चुनाव को छोड़कर, वो 1993 से लगातार इस सीट पर जीत हासिल करते आ रहे हैं। वर्तमान में उनके बेटे, आले मोहम्मद इकबाल, मटिया महल सीट से विधायक हैं, और इससे पहले चांदनी महल से पार्षद थे। शोएब इकबाल ने अपनी बादशाहत बरकरार रखते हुए अपने कैंडिडेट मोहम्मद इमरान को भारी मतों से जीत दिलाई। उनके बेटे और विधायक आले मोहम्मद इकबाल ने भी इस अभियान में पार्टी लाइन से अलग होकर अपने पिता का पूरा साथ दिया और इमरान को जिताने के लिए पूरी ताकत लगा दी।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी अपनी कोशिशों में कोई कसर नहीं छोड़ी…. आम आदमी पार्टी ने पूर्व विधायक आसिम अहमद खान को दोबारा अपने साथ लिया, जो 2015 में इकबाल को हरा चुके थे। इसके अलावा, फायर ब्रांड विधायक अमानतुल्लाह खान और इमरान हुसैन जैसे मुस्लिम विधायकों को चांदनी महल में AAP को जिताने के लिए मैदान में उतारा गया था।

लेकिन, शोएब इकबाल और आले मोहम्मद इकबाल के संयुक्त प्रयास और उनके व्यक्तिगत प्रभाव के सामने AAP की ये कोशिश कोई काम नहीं आ सकी। 2015 में इकबाल को हराने वाले आसिम अहमद खान को साथ लेना भी AAP के लिए कारगर साबित नहीं हुआ। शोएब इकबाल ने अपने इस अभियान में ये साबित कर दिया कि उनकी मर्जी के बिना मुस्लिम बहुल चांदनी महल सीट पर एक पत्ता भी नहीं हिल सकता है। कांग्रेस से लेकर आम आदमी पार्टी तक ने उनके वर्चस्व को तोड़ने के लिए जो सियासी चक्रव्यूह रचा था, वो पूरी तरह से असफल रहा। इकबाल ने न केवल अपना सियासी वर्चस्व कायम रखा, बल्कि ये भी दिखा दिया कि पुरानी दिल्ली की सियासत में उनके व्यक्तिगत प्रभाव का कोई विकल्प नहीं है।

