राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर में वायु गुणवत्ता इस कदर बिगड़ चुकी है कि लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 329 रहा जो कि बहुत खराब श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार (CPCB) के मुताबिक, दिल्ली के सभी मॉनिटरिंग स्टेशनों पर सुबह 7 बजे AQI गंभीर रेंज से नीचे था, कुछ इलाकों में यह खराब ज़ोन में रिकॉर्ड किया गया
वहीं, दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़े ऐलान किए है। दिल्ली में गुरुवार से सभी सरकारी और निजी संस्थानों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम जरूरी कर दिया गया है। यह फैसला प्रदूषण के स्तर को कम करने और सड़कों पर वाहनों की संख्या घटाने के लिए लिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
बता दें कि, ग्रेप-3 नियमों के तहत निर्माण कार्यों पर लगी रोक से प्रभावित रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन मजदूरों को दिल्ली सरकार 10 हजार रुपये का मुआवजा देगी। तेज़ हवाओं और कम होते कोहरे की वजह से मंगलवार को प्रदूषण का स्तर गंभीर कैटेगरी से बाहर आ गया।
आपको बता दें कि, बीते तीन दिनों से दिल्ली में घना कोहरा छाया हुआ है जिससे ट्रांसपोर्ट सेवाओं और फ्लाइट पर भारी असर पड़ा है। वहीं, कई सड़क दुर्घटनाएं भी हुई है। हालांकि, यह बुधवार सुबह काफी हद तक साफ हो गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में दिन भर मध्यम कोहरे का अनुमान लगाया है, जिसमें अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 24 डिग्री सेल्सियस और 10 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने से GRAP IV प्रभावी है। वहीं, दिल्ली सरकार ने मंगलवार को सख्त पाबंदियों की घोषणा की, जिसमें पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं रखने वाले वाहनों को ईंधन न देना और BS-VI मानदंडों से नीचे के गैर-दिल्ली वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।
