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दिल्ली विधानसभा अब पूरी तरह से डिजिटल रंग में दिखाई देगी, अब तक दिल्ली सचिवालय में पेपर के जरिए कामकाज हो रहा था, लेकिन दिल्ली की बीजेपी सरकार ने इसे पेपर लैस करने का फैसला कर दिया है औऱ अब दिल्ली विधानसभा पूरी तरह से डिजिटल युग में कदम रखने जा रही है तस्वीरे दिल्ली सचिवालय की है. जहां पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में ई-विधान परियोजना की आधारशिला रखी, ये परियोजना विधानसभा को पूरी तरह पेपरलेस और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. विधानसभा के अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना का काम दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र से पहले पूरा किया जाएगा ताकि मानसून सत्र के दौरान दिल्ली विधानसभा पूरी तरह से डिजिटल रंग-रूप में दिखाई दे.
जिसके बाद सभी कामकाज एक डिजिटल मंच (नेवा) पर होंगे, इससे विधानसभा में मैनुअल प्रक्रियाओं में कमी आएगी, समय की बचत होगी, और जनता और विधायकों को सटीक जानकारी आसानी से मिलेंगी,, विधानसभा के दस्तावेज जैसे विधेयक, रिपोर्ट, प्रश्नोत्तरी और नोटिस डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे, जिससे कागज का उपयोग खत्म होगा और पर्यावरण को लाभ मिलेगा..
अपने संबोधन में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने कहा कि- ई-विधान परियोजना विधानसभा की कार्यवाही को पारदर्शी, तेज और सुरक्षित बनाएगी, ये सिर्फ कागज रहित व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी और डिजिटल सुरक्षा को बढ़ाने का प्रयास है। कई राज्यों में ये प्रणाली पहले से कामयाब है और अब दिल्ली भी इस दिशा में आगे बढ़ रही है। इस परियोजना के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय से 9 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा, जिसमें से एक करोड़ रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है।

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दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के तहत विधायकों को रियल टाइम में डिजिटल जानकारी मिलेगी, 22 मार्च 2025 को इस परियोजना के लिए एमओयू साइन हुआ था, वहीं, दिल्ली विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा होगी, जो 500 किलोवॉट सौर ऊर्जा से चलेगी…
हालांकि दिल्ली सरकार की तरफ से तर्क दिया जा रहा है.. बाकी राज्यों की तरह दिल्ली विधानसभा को भी पूरी तरह से पेपर लैस और डिजिटल बनाया जा रहा है.. ताकि कम समय में ज्यादा काम हो सके… जनता के मुद्दों पर सदन में चर्चा हो.. इसलिए दिल्ली सरकार की तरफ से ये कदम उठाया गया है.. और भविष्य में इसके बेहतर परिणाम मिलेंगे… .