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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद से गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर स्थित घोलतीर नामक स्थान के पास एक टेंपो-ट्रेवलर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरते हुए अलकनंदा नदी में समा गया। हादसे में वाहन में सवार कुल 19 यात्रियों में से अधिकांश एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं।

चारधाम यात्रा के दौरान दर्दनाक मोड़

राजस्थान के उदयपुर जिले से चारधाम यात्रा पर निकले यह यात्री केदारनाथ दर्शन के बाद गुरुवार सुबह बदरीनाथ की ओर रवाना हुए थे। सुबह लगभग 11 बजे के आसपास जैसे ही उनका वाहन रुद्रप्रयाग जिले के घोलतीर क्षेत्र के पास पहुंचा, अचानक चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और टेंपो-ट्रेवलर सीधे गहरी खाई में गिरकर अलकनंदा नदी में समा गया।

हादसे के समय वाहन में सवार थे 19 यात्री

दुर्घटनाग्रस्त टेंपो-ट्रेवलर में कुल 19 लोग सवार थे, जिनमें 17 यात्री एक ही परिवार के थे और दो अन्य ड्राइवर व सहचालक बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि परिवार में बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी शामिल थे। यह यात्रा चारधाम की धार्मिक आस्था से जुड़ी थी, लेकिन यह यात्रा एक हृदयविदारक हादसे में बदल गई।

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रेस्क्यू अभियान जारी, दो की मौत की पुष्टि

जैसे ही हादसे की सूचना स्थानीय प्रशासन को मिली, पुलिस, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। तेजी से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक नौ लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। इनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक महिला शामिल है।

घायल यात्रियों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट

रेस्क्यू किए गए घायलों में से तीन की स्थिति अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। इन्हें एयर एंबुलेंस की मदद से ऋषिकेश और देहरादून के बड़े अस्पतालों में भेजा गया है। शेष आठ घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इन घायलों में छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जो अभी भी सदमे की स्थिति में हैं।

नदी की धार में बह गए कई यात्री

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त टेंपो-ट्रेवलर इतनी तेज रफ्तार से नदी में गिरा कि उसमें सवार कुछ यात्री वाहन से बाहर छिटक गए। इनमें से तीन लोगों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि वाहन के शेष यात्री नदी की तेज धार में बह गए। इनमें से एक शव शिवपुरी क्षेत्र तक बहकर पहुंचा, जिसे बाद में SDRF टीम ने रेस्क्यू कर निकाला।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटनास्थल पर पहुंचे

इस दुखद हादसे की खबर मिलते ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने रेस्क्यू अभियान को तेज करने के निर्देश दिए और घायलों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

इस हादसे ने राजस्थान के उदयपुर जिले में एक पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। यह परिवार चारधाम यात्रा पर निकला था, जिसमें विश्वास, श्रद्धा और खुशी का माहौल था। लेकिन अब यह यात्रा मातम में बदल गई है। इस परिवार के कई सदस्य लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए SDRF की टीमें अलकनंदा नदी के विभिन्न हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

चश्मदीदों की जुबानी: कुछ ही सेकंड में खत्म हो गई सब कुछ

घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया, “हमने अचानक शोर सुना और जब देखा तो वाहन खाई में गिरता हुआ सीधे नदी में समा गया। कुछ लोग बाहर छिटक गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। हम लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और रस्सियों की मदद से एक-दो घायलों को बाहर निकाला।”

लापता लोगों की तलाश जारी

घटना के 8 घंटे बाद भी अभी तक करीब 8 से 10 लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है। SDRF और NDRF की टीमें नदी के किनारों पर तलाश कर रही हैं, वहीं ड्रोन कैमरों की मदद से हवाई सर्वेक्षण भी किया जा रहा है। देर रात तक बचाव कार्य जारी रहने की संभावना है।

अलकनंदा का जलस्तर बना रेस्क्यू में बाधा

अलकनंदा नदी का जलस्तर इन दिनों तेज बारिश के कारण ऊंचा चल रहा है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। तेज बहाव के कारण SDRF की टीमें बचाव कार्य को बेहद सावधानी से अंजाम दे रही हैं।

हेल्पलाइन नंबर जारी

प्रशासन ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि परिजन अपने प्रियजनों की जानकारी ले सकें। जिला प्रशासन के अनुसार, हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि लापता लोगों का जल्द पता लगाया जा सके।

सवालों के घेरे में सिस्टम?

इस हादसे के बाद कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं – क्या पहाड़ी मार्गों पर चलने वाले पर्यटक वाहनों की पर्याप्त जांच होती है? क्या ड्राइवरों को पर्वतीय मार्गों का समुचित प्रशिक्षण दिया गया है? क्या वाहन की तकनीकी स्थिति की नियमित जांच की जाती है? हादसे के कारणों की जांच प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई है और उम्मीद है कि जल्द इसका विस्तृत ब्यौरा सामने आएगा।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में

उत्तराखंड जैसे पर्यटन और तीर्थ यात्रा से जुड़े राज्यों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा एक बार फिर से राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है। हर साल हजारों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आते हैं और पहाड़ी रास्तों की खतरनाक स्थिति कई बार मौत का कारण बन जाती है। अब सवाल ये है कि क्या समय रहते इन सड़कों पर सुधार और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी या फिर इसी तरह हादसे दोहराते रहेंगे।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन और SDRF ने लोगों से अपील की है कि मौसम और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करें। साथ ही पर्यटन वाहनों की तकनीकी जांच समय-समय पर कराई जाए और प्रशिक्षित ड्राइवरों की ही सेवाएं ली जाएं।

By admin

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