राजस्थान की धरती स रक्षा मंत्री की PAK को चेतवानी: “कोई हमें छेड़ेगा तो छोड़ेंगे नहीं”

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को राजस्थान के मेड़ता में आयोजित राव दूदा प्रतिमा अनावरण समारोह में शिरकत करते हुए वीरता, राष्ट्रभक्ति और नारी सम्मान का सशक्त संदेश दिया। इस मौके पर उन्होंने जहां एक ओर राजस्थान की वीर भूमि और उसके गौरवशाली इतिहास की सराहना की।

वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि, भारत शांति में विश्वास रखता है, लेकिन अगर कोई देश भारत को उकसाने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “हम किसी को छेड़ते नहीं, लेकिन अगर कोई हमें छेड़े तो उसे छोड़ते भी नहीं हैं।”

समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच रक्षा मंत्री ने कहा कि, उनके लिए ये सौभाग्य की बात है कि उन्हें राव दूदा जैसी महान विभूति की प्रतिमा के अनावरण का अवसर मिला। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि, ये कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी अपने इतिहास और संस्कृति को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती सदियों से वीरों, संतों और बलिदानियों की भूमि रही है, जिसने देश को साहस और त्याग की प्रेरणा दी है।

राव दूदा के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि, वे केवल एक पराक्रमी योद्धा ही नहीं थे, बल्कि एक न्यायप्रिय शासक और वैष्णव संत भी थे। उनका जीवन हमें ये सिखाता है कि, सच्ची वीरता केवल युद्धभूमि में नहीं, बल्कि नारी सम्मान और समाज की रक्षा के लिए किए गए त्याग में भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि, राव दूदा की विरासत को उनकी पौत्री मीरा बाई ने भक्ति और आध्यात्मिकता के माध्यम से आगे बढ़ाया, जिसने भारतीय संस्कृति को एक नई पहचान दी।

रक्षा मंत्री ने मेड़ता की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से मीरा महोत्सव हेतु पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि संस्कृति और इतिहास केवल किताबों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उनकी सरकार देश के गुमनाम वीरों और ऐतिहासिक विरासत को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रही है।

अपने संबोधन में उन्होंने राजनीति को समाज को सही दिशा देने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि, सच्ची राजनीति वही है, जो समाज को सन्मार्ग की ओर ले जाए और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाए। इसी सोच के साथ केंद्र सरकार देश के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करने का कार्य कर रही है।

महिला सम्मान के मुद्दे पर भी रक्षा मंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस समाज में महिलाओं का सम्मान नहीं होता, वो कभी प्रगति नहीं कर सकता। उनकी सरकार महिलाओं को हर स्तर पर सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने महिला आरक्षण बिल का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले विपक्षी दलों ने इसे पारित नहीं होने दिया, लेकिन अब केंद्र सरकार इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही देश की महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार मिलेगा और राजनीति में उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत होगी।

राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राजस्थान और नागौर की धरती देशभक्ति और सैन्य परंपरा के लिए जानी जाती है। यहां के घर-घर से जवान निकलकर देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सैनिकों के कल्याण और सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है।

आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने हर बार अपनी वीरता और क्षमता का परिचय दिया है। अगर पाकिस्तान ने फिर कोई दुस्साहस किया, तो उसे पहले से भी अधिक कठोर जवाब मिलेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि, जरूरत पड़ी तो भारत दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देगा और देश की सुरक्षा के सामने कोई सीमा या सरहद बाधा नहीं बन सकती।

अपने संबोधन के अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि संकल्प, समर्पण, साहस, शक्ति और शौर्य ही राव दूदा के जीवन का वास्तविक संदेश है। उन्होंने मेड़ता की जनता को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि, राव दूदा की ये प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, संस्कृति और बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी।

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