दौसा: राजस्थान के दौसा जिले में बुधवार सुबह जमीन की मेड़ और बिजली के ट्रांसफार्मर से अवैध जंपर जोड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मंडावर थाना क्षेत्र के चौड़ाकी पाखर गांव में हुए इस संघर्ष में 45 वर्षीय पप्पू गुर्जर की मौत हो गई, जबकि दोनों पक्षों के 13 लोग घायल हो गए। इनमें से पांच की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया है।
घटना के दौरान फायरिंग करने और ट्रैक्टर से लोगों को कुचलने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। तनाव को देखते हुए गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।
सुबह 7 बजे शुरू हुआ विवाद, देखते ही देखते हुई मारपीट
जानकारी के अनुसार, चौड़ाकी पाखर गांव में दो पक्षों के बीच पिछले कई दिनों से बिजली के ट्रांसफार्मर से जंपर जोड़ने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बीच खेत की मेड़ को लेकर भी दोनों पक्षों में मतभेद बढ़ गए थे।
बुधवार सुबह करीब सात बजे इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरुआत में विवाद बातचीत तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी।
संघर्ष में कई लोगों को चोटें आईं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
रिटायर्ड फौजी पर फायरिंग, दूसरे पक्ष पर ट्रैक्टर चढ़ाने का आरोप
इस घटना में दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक पक्ष के सेवानिवृत्त सैनिक पर फायरिंग करने का आरोप है, जबकि दूसरे पक्ष पर लोगों को ट्रैक्टर से कुचलने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कथित फायरिंग में किसी व्यक्ति को गोली लगी थी या नहीं। इसके अलावा ट्रैक्टर से कुचलने के आरोप की भी जांच की जा रही है। पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि हिंसा की शुरुआत कैसे हुई और किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही।
गंभीर रूप से घायल पप्पू गुर्जर की रास्ते में मौत
हिंसक झड़प में चौड़ाकी पाखर गांव निवासी 45 वर्षीय पप्पू गुर्जर, पुत्र पूरण गुर्जर, गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें दौसा जिला अस्पताल रेफर किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
पप्पू गुर्जर की मौत गोली लगने से हुई या मारपीट के दौरान लगी किसी अन्य गंभीर चोट के कारण, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा।
दोनों पक्षों के 13 लोग घायल, पांच की हालत गंभीर
इस हिंसक संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल 13 लोग घायल हुए हैं। घायलों में दान सिंह, विजय सिंह, चतर सिंह, भोजराज, राजेंद्र, समुद्र सिंह, कुलदीप, रामस्वरूप, केशव माधव, उगन्ती, वेदप्रकाश और अलका सहित अन्य लोग शामिल बताए गए हैं।
पुलिस ने घायलों को मंडावर और महुवा के सरकारी अस्पतालों में पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर किया गया।
घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
घटना के बाद चौड़ाकी पाखर गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस की प्राथमिकता गांव में शांति बनाए रखना और किसी भी प्रकार की दोबारा हिंसा को रोकना है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
पुलिस घटना के कारणों और दोनों पक्षों की भूमिका की जांच कर रही है।
अभी तक किसी पक्ष ने नहीं दी लिखित शिकायत
14 अक्टूबर की शाम तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों में से किसी की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत नहीं दी गई थी।
पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारण तथा घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल यह तय नहीं हुआ है कि मृतक को गोली लगी थी या उसकी मौत किसी अन्य चोट से हुई।
बिजली के जंपर और खेत की मेड़ का विवाद बना हिंसा की वजह
इस घटना में दो प्रमुख विवाद सामने आए हैं। पहला बिजली के ट्रांसफार्मर से कथित अवैध जंपर जोड़ने का और दूसरा खेत की मेड़ को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद का।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की सीमाओं और बिजली के उपयोग को लेकर होने वाले विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। दौसा की यह घटना भी ऐसे ही विवाद के हिंसक संघर्ष में बदलने का मामला है।
हालांकि, किस पक्ष का दावा सही था और विवाद के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर
दौसा की इस घटना में एक व्यक्ति की मौत और 13 लोगों के घायल होने के बाद कई सवाल सामने आए हैं।
क्या विवाद को पहले ही सुलझाया जा सकता था? कथित फायरिंग और ट्रैक्टर से कुचलने के आरोपों में कितनी सच्चाई है? और पप्पू गुर्जर की मौत का वास्तविक कारण क्या था?
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आ सकेंगे।
फिलहाल चौड़ाकी पाखर गांव में पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रित रखने के प्रयास जारी हैं।
