Crowd goes out of control at Mridul Tiwari event: इटावा में मृदुल तिवारी के कार्यक्रम में भीड़ बेकाबू
इटावा में बिग बॉस फेम यूट्यूबर मृदुल तिवारी की एंट्री ने शनिवार को ऐसा माहौल बना दिया, जिसे शहर लंबे समय तक याद रखेगा। बिग बॉस 19 से बाहर आने के बाद मृदुल पहली बार अपने पैतृक शहर पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया जाना था। लेकिन यह स्वागत कुछ ही मिनटों में भीड़, भगदड़ और अव्यवस्था में बदल गया। हजारों की संख्या में जुटे फैंस के कारण पुलिस व्यवस्था भी चरमरा गई और कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही खत्म करना पड़ा।
दोपहर करीब 1 बजे जैसे ही मृदुल तिवारी कठफोरी टोल प्लाजा पहुंचे, शहर से लगभग 30 किलोमीटर पहले ही उनके समर्थकों का काफिला तैयार होने लगा। बाइक और कारों में युवा बड़ी संख्या में जुड़ते गए। सड़क पर उत्साह का ऐसा माहौल बना कि ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं। कई बाइक सवार बिना हेलमेट स्टंट करते नजर आए, तो कई कार चालक सीट बेल्ट लगाए बिना भीड़ का हिस्सा बने रहे। पुलिस ने शुरू में रोकने की कोशिश की, लेकिन वाहन और लोगों की संख्या इतनी अधिक थी कि ट्रैफिक व्यवस्था धीरे-धीरे ढह गई।
करीब 1.5 करोड़ की डिफेंडर कार में सवार होकर मृदुल तिवारी का रास्ता फैंस से घिरा रहा। सैकड़ों वाहनों का काफिला उनके साथ चलता रहा। सोशल मीडिया पर इस रोड शो के वीडियो वायरल होते रहे, जिनमें जगह-जगह फैंस मृदुल की एक झलक पाने को बेकाबू दिखे। हालांकि पुलिस ने बाद में सख्ती दिखाते हुए काफिले में शामिल 9 वाहनों का चालान किया और कुल 57 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। ट्रैफिक इंस्पेक्टर सूबेदार सिंह ने साफ कहा कि सार्वजनिक जगहें शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं बन सकतीं और नियम तोड़ने पर कार्रवाई जारी रहेगी।
उधर, रामलीला मैदान में मृदुल के स्वागत के लिए बड़ी तैयारियां की गई थीं। शहर के जाने-माने सर्राफ व्यवसायी और गुनगुन ज्वेलर्स के मालिक राजीव कुमार ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की। विशाल मंच सजाया गया था और हजारों युवाओं ने वहां पहले से डेरा जमा लिया था।
जैसे-जैसे समय नजदीक आता गया, भीड़ और बढ़ती गई। दोपहर होते होते जब मृदुल का काफिला मैदान पहुंचा, तो उपस्थित भीड़ में अचानक हलचल मच गई। मंच के सामने लगी हल्की बैरिकेडिंग कुछ ही मिनटों में टूट गई। लोग सेल्फी लेने और मृदुल के पास पहुंचने की कोशिश में धक्का-मुक्की करने लगे। स्थितियां बिगड़ती रहीं और मंच के सामने रखी कुर्सियां टूटने लगीं।
पुलिस और आयोजकों ने crowd control की कोशिश तो की, लेकिन हजारों की भीड़ के आगे सभी प्रयास बेअसर साबित हुए। बैरिकेडिंग टूटने के बाद भीड़ मंच की ओर दौड़ पड़ी, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ लोग एक-दूसरे पर गिरते-पड़ते आगे बढ़ते रहे। बात इतनी बढ़ गई कि करीब 10-12 मिनट के भीतर स्टेज का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया और सुरक्षा टीम को मृदुल को तुरंत पीछे ले जाना पड़ा।
फैंस की बेकाबू भीड़ और बढ़ते हंगामे से परेशान होकर मृदुल तिवारी ने कार्यक्रम को अधूरा छोड़ने का फैसला लिया। मंच पर महज 12 मिनट रुकने के बाद वे गुस्से में वहां से उतर गए और सीधे अपनी गाड़ी में बैठ गए। मैदान में मौजूद लोगों ने इस दौरान आयोजकों पर भारी बदइंतजामी का आरोप लगाया। स्थानीय लोगों का कहना था कि इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद के बावजूद न सही सुरक्षा इंतजाम किए गए और न ही प्रवेश व निकास की उचित व्यवस्था थी।
मंच छोड़ने के बाद मृदुल करीब 4 बजे क्लर्क INN होटल पहुंचे, लेकिन यहां भी भीड़ पीछे-पीछे पहुंच गई। होटल के बाहर फिर से नारेबाजी शुरू हो गई और फैंस सेल्फी लेने की जिद पर उतर आए। पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। दो घंटे से अधिक समय तक होटल में रुकने के बाद आखिरकार शाम 7 बजे मृदुल तिवारी नोएडा के लिए रवाना हो गए।
इटावा में इस घटनाक्रम ने पुलिस और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर यूट्यूबर के समर्थकों ने अपने स्टार का जोरदार स्वागत किया, वहीं अव्यवस्था, ट्रैफिक उल्लंघन और सुरक्षा चूक की वजह से कार्यक्रम का पूरा माहौल बिगड़ गया। कई लोग इस बात से भी नाराज दिखे कि आयोजकों ने भीड़ के अनुमान को लेकर प्रशासन को सही जानकारी नहीं दी, जिससे हालात काबू से बाहर हो गए।

