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हरियाणा में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर अमर उजाला द्वारा शुरू किए गए महा अभियान का असर अब दिखने लगा है। इस अभियान के माध्यम से नशे की भयावह तस्वीर को समाज के सामने रखा जा रहा है और इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नशे के खिलाफ सख्ती बरतने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, जिसके बाद एक नया कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार नशे के तस्करों की सूचना देने के लिए एक पोर्टल तैयार करने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि इस पोर्टल पर कोई भी नागरिक नशे की तस्करी की सूचना दे सकेगा। सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शुक्रवार को आबकारी और कराधान विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नशे की तस्करी को रोकने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जाए।

Portal to be opened in Haryana to give information about Drug smugglers

नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से कहा कि जब वे टैक्स चोरी या नकली शराब के मामलों में कार्रवाई करें, तो यदि उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना मिले, तो वे तुरंत पुलिस के साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई करें। साथ ही, नकली शराब बनाने और तस्करी करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए। इस प्रकार के अपराधों में संलिप्त लोगों की काली कमाई से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा।

बच्चों के लिए नशा मुक्ति केंद्र

मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी ने भी नशे की समस्या को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि वे नशे में फंसे बच्चों और किशोरों के लिए विशेष नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करें। इसके अलावा, एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) मामलों से निपटने वाले पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की बात भी कही।

सीसीटीवी कैमरे और जंगली भांग नष्ट करने के आदेश

मुख्य सचिव ने राज्य में केमिस्ट शॉप पर निगरानी बढ़ाने के लिए हाईटेक और नाइट विजन वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए हैं। अगर कोई केमिस्ट शॉप इस नियम का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जंगली भांग के पौधों को उखाड़कर नष्ट करें और इस अभियान की तस्वीरें और रिपोर्ट तैयार करें।

नशे पर काबू पाने के लिए सख्त कदम

इन सभी निर्देशों से यह स्पष्ट होता है कि हरियाणा सरकार नशे की समस्या से निपटने के लिए कड़े कदम उठा रही है। चाहे वह सूचना पोर्टल के माध्यम से तस्करों की पहचान करना हो, बच्चों के लिए नशा मुक्ति केंद्र बनाना हो, या फिर नशे के सामान की तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करना हो, सरकार का इरादा इस गंभीर समस्या से निपटने में पूरी तरह से सक्षम है।

इस दिशा में किए गए उपायों का उद्देश्य राज्य में नशे की तस्करी को रोकना और इसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों को कम करना है।

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