1200 675 24312504 thumbnail 16x9 rahul gandhi raised new hopes in haryana after 11 years gave the mantra of unity to congressmen

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को नई दिल्ली में हरियाणा कांग्रेस से जुड़े मामलों पर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के केंद्रीय पर्यवेक्षक और पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। चर्चा का मुख्य विषय था – हरियाणा में कांग्रेस संगठन की स्थिति, गुटबाजी, अनुशासनहीनता और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में आ रही समस्याएं। सूत्रों के मुताबिक, AICC पर्यवेक्षकों ने राहुल गांधी को बताया कि हरियाणा कांग्रेस में कुछ नेता ऐसे हैं जो जानबूझकर जिला अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया में अड़चन डाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं के कारण संगठन में गुटबाजी और अनुशासनहीनता बढ़ रही है। कई जिलों में पर्यवेक्षकों के दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और गुटों में बंटी कांग्रेस की तस्वीर सामने आई।

गुटबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: राहुल गांधी

बैठक के दौरान राहुल गांधी ने हरियाणा के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए फीडबैक लिया और साफ कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता या गुटबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने गुटबाजी पर “जीरो टॉलरेंस” नीति दोहराई और स्पष्ट कर दिया कि कोई भी नेता पार्टी हित से ऊपर नहीं है।राहुल गांधी ने निर्देश दिए कि 30 जून तक हरियाणा के सभी 22 जिलों में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अध्यक्षों के चयन में किसी भी प्रकार की पक्षपात या दबाव की राजनीति नहीं चलेगी। सभी पैनल योग्यता (मेरिट) और स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर तैयार किए जाएंगे।

पहले भी राहुल गांधी दे चुके हैं चेतावनी

इससे पहले 4 जून को राहुल गांधी चंडीगढ़ कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने तीन घंटे से ज्यादा समय तक हरियाणा कांग्रेस के नेताओं और पर्यवेक्षकों के साथ बैठकर संगठन की स्थिति पर चर्चा की थी। उन्होंने साफ शब्दों में नेताओं को चेताया था कि पार्टी को मजबूत करने के लिए आपसी लड़ाई छोड़कर साथ मिलकर काम करना होगा। राहुल गांधी ने कहा था गुटबाजी खत्म करें और मिलकर संगठन को मजबूत करें। जिला अध्यक्षों का चयन पारदर्शी तरीके से हो। AICC पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट को गंभीरता से लें। कार्यकर्ताओं की बात सुनी जाए और जमीनी स्तर पर काम करने वालों को सम्मान मिले। राहुल गांधी की इस बैठक से यह साफ हो गया है कि अब कांग्रेस आलाकमान हरियाणा में संगठनात्मक ढील और अंदरूनी राजनीति को बिल्कुल भी सहन नहीं करेगा। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी एकजुटता और अनुशासन को सर्वोपरि मान रही है।