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Congres: कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस्तीफे की मांग की है, आरोप लगाते हुए कि इलेक्टोरल बॉंड्स के जरिए भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी और महासचिव जयराम रमेश ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, विशेषकर चुनावी बांड के जरिए धन उगाही के चार तरीकों का जिक्र करते हुए—प्रीपेड रिश्वत, पोस्टपेड रिश्वत, छापे के बाद रिश्वत, और फर्जी कंपनियों के माध्यम से धन जुटाने का।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

कांग्रेस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलेक्टोरल बॉंड्स को असंवैधानिक बताने के बाद यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि वित्त मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस एफआईआर में कुल 8,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है, जिसमें वित्त मंत्री को आरोपी नंबर 1 के रूप में नामित किया गया है।Congres

धन उगाही के तरीके

सिंघवी ने आरोप लगाया कि मीडिया ने पिछले एक साल में इलेक्टोरल बॉंड्स से जुड़े कई मामलों की रिपोर्ट की है, जिसमें यह बताया गया है कि कैसे विभिन्न कंपनियों ने इलेक्टोरल बॉंड्स लिए। उन्होंने यह भी बताया कि कई कंपनियों का पेड-अप कैपिटल 100 करोड़ रुपये से कम था, लेकिन उन्होंने 500 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉंड्स खरीदे।

आरबीआई की चिंताएं

कांग्रेस ने यह भी उल्लेख किया है कि जब इलेक्टोरल बॉंड्स की योजना बनाई जा रही थी, तो आरबीआई के गवर्नर ने इस बात की चिंता जताई थी कि इसका दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा था कि यह योजना मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है, लेकिन सरकार ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया।

बीजेपी पर आरोप

सिंघवी ने कहा कि बीजेपी ने दिखाया है कि किस तरह छापे डालकर चंदे की वसूली की जाती है और कैसे ठेके बांटे जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्टोरल बॉंड्स स्कीम बीजेपी के पुराने जुमले का नया वर्जन है, जिसमें भ्रष्टाचार का मौन समर्थन है।

जयराम रमेश के बयान

जयराम रमेश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी 2024 को इलेक्टोरल बॉंड स्कीम को गैर-संवैधानिक घोषित किया था। इसके बाद 21 मार्च को एसबीआई ने चुनावी बॉंड्स से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि इन चार तरीकों से बीजेपी ने साढ़े पांच साल में 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जुटाई है।

एफआईआर और कानूनी कार्रवाई

शनिवार को बेंगलुरु की एक अदालत के निर्देश पर वित्त मंत्री सीतारमण और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में आईपीसी की धारा 384 (जबरन वसूली के लिए सजा), 120बी (आपराधिक साजिश), और 34 (साझा इरादे से कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कृत्य) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में कर्नाटक भाजपा प्रमुख बीवाई विजयेंद्र और पार्टी नेता नलिन कुमार कटील का भी नाम शामिल है।

शिकायत का संदर्भ

‘जनाधिकार संघर्ष परिषद’ (जेएसपी) के सह-अध्यक्ष आदर्श आर अय्यर ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी बॉंड्स की आड़ में जबरन वसूली की गई और 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ उठाया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि वित्त मंत्री ने ईडी अधिकारियों की मदद से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर लाभ उठाने के लिए जबरन वसूली की।

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