CM Yogi took a big decision in favor of farmers: CM योगी ने किसानों के हक में लिया बड़ा फैसलाCM Yogi took a big decision in favor of farmers: CM योगी ने किसानों के हक में लिया बड़ा फैसला

CM Yogi took a big decision in favor of farmers: CM योगी ने किसानों के हक में लिया बड़ा फैसला

 

उत्तर प्रदेश में धान खरीद की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिला और मंडलीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि धान क्रय केंद्र पर पहुंचने वाले प्रत्येक अन्नदाता किसान का धान हर हाल में खरीदा जाए और भुगतान समय से सीधे उसके बैंक खाते में पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में गति और पारदर्शिता दोनों आवश्यक हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है। कॉमन धान का MSP ₹2369 प्रति क्विंटल और ग्रेड-A धान का MSP ₹2389 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले सीजन की तुलना में ₹69 अधिक है। यह वृद्धि किसानों की आय बढ़ाने और उनकी लागत की आंशिक भरपाई के उद्देश्य से की गई है।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में अब तक 4,227 धान क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया कि क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 5,000 तक की जाए, ताकि किसानों को अपने गांव या कस्बे के निकट ही धान बेचने की सुविधा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े राज्यों में दूरी किसानों के लिए असुविधा का प्रमुख कारण बन जाती है, इसलिए केंद्रों का विस्तार बेहद जरूरी है।

बैठक में यह भी बताया गया कि 30 नवंबर तक राज्य के 1,51,030 किसानों से कुल 9.02 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। इस खरीद के एवज में ₹1,984 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेज दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भुगतान में देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि भुगतान प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुरक्षित, तेज और त्रुटिरहित बनाया जाए, ताकि किसी भी किसान को अपने धन के लिए भटकना न पड़े।

मुख्यमंत्री योगी ने मिड-डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में फोर्टिफाइड चावल की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील योजना है और इससे बच्चों व गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इसलिए फोर्टिफाइड चावल की पर्याप्त उपलब्धता अनिवार्य है।

उन्होंने निर्देश दिया कि एफआरके (Fortified Rice Kernel) की सप्लाई में बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए और जरूरत पड़ने पर वेंडरों की संख्या बढ़ाई जाए। बैठक में बताया गया कि अब तक लगभग 2,130 मीट्रिक टन एफआरके गुणवत्ता परीक्षण में पास हो चुका है, जो कि अच्छी उपलब्धता का संकेत है।

मुख्यमंत्री ने क्रय केंद्रों पर मैनपावर बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए ताकि केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगे और किसान धान बेचने के लिए वापस न लौटें। उन्होंने प्रशासन को चेताया कि किसानों को किसी भी स्थिति में असुविधा नहीं होनी चाहिए।

धान उठान, मिल-मैपिंग और परिवहन जैसी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि खरीद तो तेज हो रही है, लेकिन उठान धीमा है, तो यह संपूर्ण प्रक्रिया को प्रभावित करेगा। इसलिए हर चरण में तालमेल और प्रभावी मॉनिटरिंग अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि मिल-मैपिंग पारदर्शी तरीके से की जाए और आवश्यकतानुसार मिलर्स के साथ बैठकें आयोजित कर प्रक्रिया में गति लाई जाए।

इसके अतिरिक्त, बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता का भी विस्तृत समीक्षा किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी जिले में खाद या बीज की कमी नहीं होनी चाहिए। यह रबी की फसल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समय है और किसान इस अवधि में उचित गुणवत्ता वाले बीज और उर्वरक पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को स्टॉक की नियमित समीक्षा और आपूर्ति की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यदि कहीं भी कमी की शिकायत मिलती है, तो उसे तत्काल दूर करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी बैठक के दौरान जोर दिया कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य होगी। उन्होंने कहा कि किसान उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें न केवल MSP का पूरा लाभ मिले, बल्कि खरीद प्रक्रिया भी समय पर और सुगम तरीके से पूरी हो।

धान खरीद के मौजूदा सीजन में सरकार की कोशिश यह है कि राज्य के सभी पात्र किसानों को अधिकतम सुविधा प्रदान की जाए और उन्हें उचित मूल्य, सुचारु खरीद और त्वरित भुगतान जैसी सभी आवश्यकताओं तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित हो।