CM Yogi inspected night shelters in Gorakhpur: गोरखपुर में CM योगी ने किया रैन बसेरों का निरीक्षण
सर्दी के बढ़ते प्रकोप के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर रात गोरखपुर शहर में रैन बसेरों का निरीक्षण करते हुए कहा कि, उत्तर प्रदेश सरकार ये सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसी भी जरूरतमंद को शीतलहर में बिना आश्रय के रात न गुजारनी पड़े। उन्होंने प्रशासन और नगर निकायों को निर्देश दिए कि सभी रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए और वहां ठहरने वालों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने देर रात रेलवे स्टेशन के पास और झूलेलाल मंदिर के नजदीक बनाए गए रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां ठहरे लोगों से आत्मीय बातचीत कर उनकी समस्याएं और संतोष की स्थिति जानी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से जरूरतमंदों में कंबल और भोजन का वितरण भी किया। इस दौरान कई लोग भावुक भी हो गए, जिन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री उनसे मिलने और उनकी सुध लेने पहुंचे हैं।
इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ आश्रय देना ही नहीं बल्कि उन जरूरतमंदों को सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना है जो सर्दी से बचाव के लिए इन रैन बसेरों का सहारा लेते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर रैन बसेरे में पर्याप्त बिस्तर, कंबलों की व्यवस्था और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। सीएम ने ये भी कहा कि, अगर किसी जरूरतमंद व्यक्ति के पास भोजन की व्यवस्था नहीं है, तो उसे निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों और राज्यों से आए लोगों से भी बातचीत की। इनमें देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गगहा, चौरीचौरा और बिहार के कई जिलों के लोग शामिल थे। कोई परीक्षा देने आया था तो कोई रोजगार या इलाज के लिए गोरखपुर पहुंचा था। सभी ने रैन बसेरों में उपलब्ध सुविधाओं पर संतोष प्रकट किया और सरकार के प्रयासों की सराहना की।
मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में रैन बसेरों के लिए पर्याप्त धनराशि जारी की है। उन्होंने दोहराया कि “हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य है, इसलिए किसी को भी सर्दी में खुले आसमान के नीचे नहीं सोना चाहिए।” नगर निगम, पंचायत और अन्य स्थानीय निकायों को ये आदेश दिया गया है कि अगर कोई व्यक्ति फुटपाथ या सड़क पर लेटा दिखाई दे, तो तुरंत उसे रैन बसेरे में पहुंचाया जाए। साथ ही, ऐसे स्थानों पर निरंतर निगरानी रखी जाए ताकि कोई भी व्यक्ति असुरक्षित या असुविधा में न रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर नगर निगम वर्तमान में 14 रैन बसेरों का संचालन कर रहा है, जिनमें लगभग 700 से 1000 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि इन आश्रयों को गर्म बिस्तर, रोशनी, पीने के पानी और सफाई जैसी आवश्यक सुविधाओं से लैस रखा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर जरूरतमंद को ठिठुरती सर्दी में राहत और गरिमा दोनों का अनुभव हो।
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को ये भी चेतावनी दी कि किसी क्षेत्र में अगर सर्दी से कोई व्यक्ति असहाय अवस्था में मिलता है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की संवेदनशीलता का उद्देश्य है कि कोई भी गरीब या वंचित व्यक्ति ठंड से पीड़ित न हो। यही सुशासन का भाव है, जहां प्रशासन जनता की जरूरतों के प्रति जिम्मेदार और मानवीय दृष्टिकोण रखता है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सेवा भावना के साथ कार्य कर रही है और ये प्रयास सिर्फ गोरखपुर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे राज्य में जारी रहेगा। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे ऐसे जरूरतमंद लोगों की जानकारी स्थानीय प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि हर किसी को सुरक्षित आश्रय मिल सके।

