उत्तराखंड के चमोली जिले के तहसील देवाल के मोपाटा में बादल फटा है। इसमें दो लोगों के लापता होने की खबर सामने आ रही है। प्रशासन द्वारा राहत-बचाव कार्य जारी है। वहीं, रुद्रप्रयाग जिले में मंदाकिनी और अलकनंदा नदी भी उफान पर है, इनका जलस्तर डेंजर लेवल के ऊपर पहुंच गया है। इसके अलावा केदारघाटी के लवारा गांव में पुल बहने से छेनागाड़ क्षेत्र में स्थिति काफी गंभीर हो गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि, “जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने से मलबा आया है। इसकी वजह से कुछ परिवार फंस गए हैं। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य तेजी से कर रहा है। मैं लगातार अधिकारियों से संपर्क में हूं और आपदा सचिव व जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य सही तरीके से और तेजी से किए जाएं।”
बता दें कि, रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा नदी का जलस्तर डेंजर लेवल के पार पहुंच गया है जिससे बाढ़ की स्थिति बन गई है। नदी का पानी घरों तक पहुंच रहा है। प्रशासन द्वारा प्रभावित घरों को खाली कराया है। हालात इतने गंभीर हैं कि रुद्रप्रयाग का हनुमान मंदिर भी नदी में डूब गया है।
आपको बता दें कि, उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से पहाड़ी जिलों में भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं तेज़ी से बढ़ रही हैं। मौसम विभाग ने 29 अगस्त के लिए देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ में तेज बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि बाकी क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
