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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार रात एक और भयानक प्राकृतिक आपदा ने जनजीवन को पूरी तरह हिला कर रख दिया। देर रात मंडी शहर के जेल रोड इलाके में बादल फटने की घटना हुई, जिससे शहर में भारी तबाही मच गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल और बेघर हो गए हैं। कई घरों में मलबा घुस गया और लोग फंस गए, जिन्हें रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाला गया। यह हादसा रात करीब 3 बजे हुआ जब जेल रोड के पास बहने वाले नाले में अचानक भारी पानी और मलबा आ गया। यह नाला उफन पड़ा और आसपास के घरों में घुस गया। उस वक्त ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे, और करीब 15 लोग घरों में फंस गए। इन लोगों को पुलिस और बचाव दल ने सुबह 4 बजे तक खिड़कियों और दीवारों को तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला। लेकिन तब तक तीन लोगों की जान जा चुकी थी, जिनमें एक महिला का शव मलबे में दबी हुई गाड़ियों के बीच मिला।

NDRFपुलिस और प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटे

एक महिला अब भी लापता बताई जा रही है, और उसके लिए तलाश जारी है। NDRF, पुलिस और प्रशासन मिलकर लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।घटना के बाद मंडी शहर के लोगों ने पूरी रात डर के साए में बिताई। सुकेती खड्ड, ब्यास और सकोड़ी खड्ड जैसी प्रमुख जलधाराएं उफान पर आ गईं, जिनका पानी कई घरों में घुस गया। पैलेस कॉलोनी, जोनल अस्पताल और अन्य क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ है। शहर की कई सड़कें मलबे से बंद हो गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।मंडी शहर के अलग-अलग इलाकों में 25 से ज्यादा गाड़ियां मलबे में दब गईं। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर 4 मील, 9 मील और दवाड़ा जैसे हिस्सों में भारी भूस्खलन के कारण सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। दवाड़ा में तो सड़क का नामोनिशान तक मिट गया। इसी के चलते मंडी उपमंडल के सभी स्कूलों में आज छुट्टी घोषित की गई है।

पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर भूस्खलन 

पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर भी कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। लवांडी ब्रिज के पास मंडी-जोगेंद्रनगर फोरलेन भी बंद हो गया है। विक्टोरिया पुल के पास भी बड़ा भूस्खलन हुआ है जिससे यातायात बहाल करना मुश्किल हो गया है। इस वजह से राहत कार्यों में भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।हादसे की सूचना मिलते ही नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, मंडी सदर विधायक अनिल शर्मा, नगर निगम मेयर वीरेंद्र भट्ट, एसपी साक्षी वर्मा और अन्य अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों में जुटे लोगों से बातचीत की।

सीएम सुक्खू ने हादसे पर जताया दुख

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं हालात की निगरानी कर रहे हैं और सभी आवश्यक मदद तुरंत पहुंचाई जा रही है।मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया जो राहत कार्यों में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वह प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें और सतर्क रहें।इस बीच मौसम विभाग शिमला ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ घंटों में बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना में तेज बारिश और कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 30 जुलाई से 4 अगस्त तक पूरे राज्य में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।