Celebration of Lionel Messi or protest against CM Rekha Gupta!Celebration of Lionel Messi or protest against CM Rekha Gupta!

Celebration of Lionel Messi or protest against CM Rekha Gupta!: Lionel Messi का जश्न या CM रेखा गुप्ता का विरोध !

दिल्ली में फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान जो होना चाहिए था वो था खेल और जश्न… लेकिन जो हुआ, उसने इस इवेंट को विवादों में ला खड़ा किया।

कार्यक्रम के बीच अचानक ऐसे नारे सुनाई दिए, जिनका खेल से कोई लेना-देना नहीं था। दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में फुटबॉल प्रेमी, युवा और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। मकसद साफ था… मेसी के नाम पर खेल, प्रेरणा और उत्साह का उत्सव।  लेकिन जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, माहौल धीरे-धीरे बदलता नज़र आया।“कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों द्वारा ‘रेखा गुप्ता मुर्दाबाद’ और ‘AQI, AQI’ जैसे नारे लगाए जाने की बातें सामने आईं।… ये नारे अचानक लगे, जिससे कुछ देर के लिए कार्यक्रम में अव्यवस्था पैदा हुई।

“मंच पर मौजूद आयोजक और सुरक्षा स्टाफ स्थिति को संभालने की कोशिश करते दिखे। नारेबाज़ी के बाद कार्यक्रम में मौजूद कई दर्शक असहज नज़र आए। कुछ लोगों का कहना है कि, वे एक खेल आयोजन में आए थे, राजनीतिक या विरोध प्रदर्शन देखने नहीं।

वहीं कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे खेल मंच के दुरुपयोग के तौर पर।.. AQI’ के नारे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली की हवा, प्रदूषण और स्वास्थ्य पहले से ही बड़ा मुद्दा है। कई लोग मानते हैं कि, ये नारा पर्यावरण को लेकर चिंता जताने का तरीका था,

लेकिन सवाल ये है… क्या इसके लिए मंच सही था?”

रेखा गुप्ता का नाम लिए जाने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को

राजनीतिक रंग देने की कोशिशें भी दिखीं। “हालांकि इस मामले पर आधिकारिक तौर पर किसी की सीधी जिम्मेदारी तय नहीं हुई है।”

सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या अंतरराष्ट्रीय खेल हस्तियों से जुड़े कार्यक्रम राजनीतिक नारों का मंच बनते जा रहे हैं?” और अगर हाँ, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है, आयोजकों की, सुरक्षा व्यवस्था की या सिस्टम की? मेसी का नाम खेल, प्रेरणा और एकता का प्रतीक है।” लेकिन दिल्ली के इस कार्यक्रम में खेल से ज़्यादा विवाद चर्चा का विषय बन गया।

“अब ज़रूरत है, कि ऐसे आयोजनों में खेल को खेल ही रहने दिया जाए.. क्योंकि मैदान विभाजन का नहीं, जुड़ाव का स्थान होता है।  आपकी राय क्या है? क्या खेल आयोजनों में नारेबाज़ी सही है?