बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन के बाद अब बिहार में भी सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं।
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 7 मई को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम को लेकर बीजेपी और जेडीयू दोनों ही पार्टियां पूरी तरह एक्टिव हैं। माना जा रहा है कि इस बार करीब 27 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
सबसे खास बात यह है कि इस कैबिनेट में ज्यादातर पुराने चेहरों को ही दोबारा मौका दिया जाएगा। यानी जो नेता पहले मंत्री रह चुके हैं, उन्हें फिर से जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि, कुछ नए चेहरों को भी शामिल करने की चर्चा है ताकि जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाया जा सके।
बीजेपी की बात करें तो संभावित मंत्रियों में विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल, राम कृपाल यादव और श्रेयसी सिंह जैसे नाम शामिल हैं। वहीं नए चेहरों में संजीव चौरसिया, नीतीश मिश्रा और मनोज शर्मा को मौका मिल सकता है।
जेडीयू की ओर से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी और लेशी सिंह जैसे पुराने नेताओं की वापसी तय मानी जा रही है। इसके अलावा शीला मंडल और भगवान सिंह कुशवाहा जैसे नए नामों की भी चर्चा है।
एनडीए के अन्य सहयोगी दल भी अपने-अपने नेताओं को मंत्री बनवाने की तैयारी में हैं। चिराग पासवान की पार्टी से संजय सिंह और संजय पासवान को मौका मिल सकता है, जबकि जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा के परिवार से भी किसी एक को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
इस पूरे कार्यक्रम को और भी खास बनाने के लिए देश के बड़े नेता भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और जेडीयू नेता नीतीश कुमार भी इस समारोह में मौजूद रह सकते हैं। कुल मिलाकर, बिहार में होने वाला यह मंत्रिमंडल विस्तार काफी अहम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ सरकार की ताकत बढ़ेगी, बल्कि आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक समीकरण भी साधे जाएंगे।
जोरहाट जंगल का सफर कुछ महीनों के लिए बंद था. बारिश का मौसम था. रास्ते…
नई दिल्ली दुनिया भर में चल रहे संघर्षों को देखते हुए यह साफ हो गया…
नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गठित आठवें वेतन आयोग के सामने अलग-अलग संगठन अपनी…
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद…
युद्ध के मैदान में अब हथियारों के साथ तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका…
उत्तराखंड भाजपा की संयुक्त मोर्चा एवं प्रकोष्ठ बैठक शनिवार को देहरादून में आयोजित हुई। बैठक…