गुरुग्राम में ऐप-आधारित कैब ड्राइवरों ने 23 मार्च तक हड़ताल का ऐलान किया है। उनका कहना है कि उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए यात्रियों के लिए भी KYC वेरिफिकेशन अनिवार्य होना चाहिए। ड्राइवरों का कहना है कि फिलहाल सिस्टम में सिर्फ उनका कड़ा सत्यापन होता है, लेकिन यात्रियों की पहचान पूरी तरह से सुनिश्चित नहीं की जाती। इसी कारण फर्जी या बिना वेरिफिकेशन वाले अकाउंट्स के जरिए मारपीट, लूटपाट और गंभीर अपराधों की घटनाएं सामने आई हैं।
ड्राइवरों ने यह भी आरोप लगाया कि ऐप्स में मौजूद SOS और सेफ्टी फीचर्स आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी नहीं साबित हो रहे हैं। शिकायत निवारण की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है, खासकर जब राइड शहर की सीमाओं से बाहर होती है। हाल ही में एक ड्राइवर की हत्या की घटना ने इस डर और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है।
हड़ताल के कारण गुरुग्राम के कई इलाकों में कैब सेवाएं प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को राइड बुक करने में 10 से 15 मिनट तक की देरी का सामना करना पड़ रहा है, कई राइड्स कैंसिल हो रही हैं और आवागमन में परेशानी बढ़ गई है। ड्राइवरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन और तेज कर सकते हैं।
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