अध्यक्ष बनने के बाद लालू ने की पहली बैठक

पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की अहम बैठक में पार्टी ने एक बार फिर लालू प्रसाद यादव को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना। लालू यादव  को तेरहवीं बार ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस मौके पर पार्टी कार्यालय में उत्साह का माहौल रहा और कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। बैठक में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे और आगामी चुनाव को लेकर रणनीतियों पर भी चर्चा हुई।

बैठक में लालू यादव ने साफ कहा कि RJD का एक ही लक्ष्य है – बिहार में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाना। उन्होंने कहा कि आज का युवा तेजस्वी को चाहता है, और जनता अब बदलाव चाहती है। लालू ने अपने पुराने अंदाज़ में कहा, “अब बहुत हुआ, इस बार तेजस्वी को गद्दी पर बैठाना है।”

बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। राज्य की 243 सीटों के लिए सभी पार्टियां अपनी रणनीति बनाने में जुट गई हैं। एक तरफ CM नीतीश कुमार का NDAगठबंधन है, तो दूसरी तरफ तेजस्वी यादव महागठबंधन का चेहरा हैं। RJD लगातार कह रही है कि अब जनता बदलाव चाहती है, और बिहार को एक नया नेतृत्व चाहिए।

लालू यादव ने बैठक में कहा कि NDA सरकार ने बिहार को पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ने केवल कुर्सी बचाने की राजनीति की है। विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। रोजगार नहीं मिला, शिक्षा और स्वास्थ्य का हाल खराब है।”

बैठक में तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे और कहा कि वो अपने पिता के मार्गदर्शन में बिहार को आगे ले जाना चाहते हैं। तेजस्वी ने कहा कि अगर जनता का साथ मिला, तो वह बिहार को विकास, रोजगार और शिक्षा की नई दिशा देंगे..हमने पहले भी बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है। इस बार जनता के समर्थन से हम बिहार में नई शुरुआत करेंगे।”

इस बैठक में महागठबंधन की एकजुटता पर भी चर्चा हुई। RJD नेताओं ने कहा कि सभी विपक्षी दलों को मिलकर काम करना होगा, तभी एनडीए को हराया जा सकता है। हाल ही में तेजस्वी यादव ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य विपक्षी नेताओं से भी संपर्क किया है राबड़ी देवी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य का चुनाव है।

लालू यादव ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर पार्टी का संदेश पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, मजदूर और नौजवान हमारी ताकत हैं, और इन्हीं के दम पर हम चुनाव जीतेंगे।लालू ने भावुक होकर कहा, “मैं अब बीमार हूं, लेकिन जब तक जिंदा हूं, तेजस्वी को मुख्यमंत्री बना कर ही दम लूंगा।”

RJD की बैठक केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों की रणनीति का बड़ा संकेत है। लालू यादव का फिर से अध्यक्ष बनना, तेजस्वी को चेहरा घोषित करना और विपक्षी एकता की बात करना – ये सभी बातें बताती हैं कि आरजेडी इस बार पूरी ताकत से मैदान में उतरने जा रही है।

अब देखना होगा कि जनता इस बार किसे मौका देती है – अनुभवी नीतीश कुमार को या युवा तेजस्वी यादव को। देखनी वाली बात अब ये होगी कि बिहार की राजनीति में चुनाव एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

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