पंजाब में किसानों द्वारा किए गए पंजाब बंद का असर व्यापक रूप से देखा जा रहा है। गन्ना किसानों के लंबित भुगतान और अन्य मांगों को लेकर किए गए इस आंदोलन ने राज्य में परिवहन और जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।किसानों ने अपनी कई प्रमुख मांगों को लेकर यह आंदोलन शुरू किया है। इनमें से सबसे अहम मांग है गन्ने की फसल का बकाया भुगतान। इसके अलावा, किसान पराली जलाने पर हो रही सख्ती और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी जैसी समस्याओं को लेकर भी नाराज हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे।
किसानों के पंजाब बंद का सबसे बड़ा असर रेल यातायात पर देखने को मिल रहा है। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए 221 ट्रेने रद्द हो चुकी है या उनके रूट को डायवर्ट किया गया है। वहीं, किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में बंद बुलाया गया है जो सुबह 7 बजे से चार बजे तक रहेगा। फसलो की एमएसपी के गारंटी कानून समेत 13 मांगो को लेकर किसान आंदोलन के समर्थन में आज पंजाब बंद है।
पंजाब बंद के चलते रेलवे सेवा बुरी तरह बाधित हो गई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 160 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जबकि कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, किसानों ने राज्य के प्रमुख हाईवे और सड़कों को जाम कर दिया है। इससे यात्रियों और वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पंजाब के प्रमुख शहरों में भी जाम की स्थिति बनी हुई है।
आपको बता दें कि, इस बंद का SPGC समेत कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन किया है। इस दौरान मेडिकल मेडिकल केयर सहित जरूरी सेवाएं जारी रहेगी। वहीं, कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब के मोहाली जिले में 600 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
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