nidhi tiwari 68

प्रयागराज महाकुंभ के दौरान IIT बाबा की खूब चर्चाए हो रहीं हैं। पिछले कुछ दिनों से IIT बाबा ने अलग-अलग मीडिया चैनल्स को कई इंटरव्यू दिए हैं। वहीं अब उनको लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल ऐसी चर्चाएं हैं कि जूना अखाड़ा ने IIT बाबा को निकाल दिया है। निकाले जाने की असली वजह क्या थी ये किसी को पता नहीं था।

हांलाकि ऐसा कहा जा रहा है कि गुरु के प्रति अपशब्दों के प्रयोग के बाद उन पर ऐक्शन लिया गया है। वहीं IIT बाबा जिसका नाम अभय है। उसका कहना है कि उनके लाइमलाइट में आने की वजह से परेशान होकर उन्हें शिविर छोड़ने को कहा गया है। हांलाकि जूना अखाड़े का कहना है कि अभय अखाड़े का हिस्सा नहीं थे। उन्हें यहां महंत सोमेश्वर पुरी ने शरण दे रखी थी। जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक महंत हरि गिरि के आदेश पर अभय सिंह को बाहर जाने को कहा गया।

महंत हरि गिरि ने बताया कि अभय का यह कृत्य गुरु-शिष्य परंपरा और संन्यास के विरुद्ध है। गुरु या अन्य साथी संत के खिलाफ कुछ बोलने की अनुमति नहीं है। निष्कासित किए जाने के साथ ही आईआईटी बाबा के अखाड़ा शिविर और उसके आस-पास आने पर रोक लगा दी गई है। हालांकि इंजीनियर बाबा ने मेला नहीं छोड़ा है। उनके गायब होने की चर्चा होने लगी थी। उन्होंने दूसरे संत के शिविर में आसरा लिया है। आईआईटी वाले बाबा अभय सिंह ने एक इंटाग्राम लाइव सेशन किया था। इसमें उन्होंने कहा कि अखाड़े के कुछ लोगों ने नाराज होकर निकाल दिया। वहां पर दशकों से पुरानी सोच के तहत लोग जी रहे है। वो अपने सिस्टम से ही चलते हैं।

उन्होंने कहा कि वो अपना या किसी और का अखाड़ा बनाने नहीं आए हैं। उसे धर्म की स्थापना करनी है। साथ ही स्पष्ट किया कि अब वह महाकुंभ में छोटी सी जगह में रह रहे हैं। वहीं दूसरी और जूना अखाड़े के सचिव महंत डॉ. करणपुरी महाराज ने कहा है कि IIT बाबा कोई साधु नहीं था. कहीं भी टीवी पर कुछ बोलता था. वो अखाड़े को बदनाम कर रहा था