पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान “युद्ध नशों के विरुद्ध” के तहत रूपनगर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 346 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस अभियान में पंजाब और हिमाचल प्रदेश की पुलिस मिलकर काम कर रही हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों में ड्रग्स के धंधे को रोकने में बड़ी सफलता मिली है। रूपनगर के एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने जानकारी दी कि पंजाब और हिमाचल की पुलिस मिलकर इंटर-स्टेट नाकों पर सख्त चेकिंग कर रही है। यह सब ‘ऑपरेशन सील’ के तहत किया जा रहा है ताकि सीमाओं के रास्ते हो रही ड्रग्स की तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। उन्होंने बताया कि नशा तस्कर अक्सर सीमाओं का फायदा उठाकर एक राज्य से दूसरे राज्य में ड्रग्स पहुंचाते हैं। इसी रणनीति को तोड़ने के लिए अब दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर अभियान चला रही है।
1 मार्च 2025 से 20 जून तक कार्रवाई के आंकड़े
220 एफआईआर दर्ज की गईं (NDPS एक्ट के तहत)
346 नशा तस्कर गिरफ्तार किए गए
285 किलो भुक्की बरामद
877 ग्राम अफीम जब्त
566 ग्राम चरस बरामद
15,275 नशे की गोलियां और कैप्सूल
352 नशीले इंजेक्शन
862 ग्राम हेरोइन जब्त
3 किलो 228 ग्राम नशीला पाउडर
430 ग्राम गांजा
₹2,56,835 की ड्रग मनी (नशे से कमाई गई राशि)
118 नशा पीड़ितों को नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल करवाया
नशा तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस ने नशा पीड़ितों को राहत देने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। अब तक 118 नशा पीड़ितों को नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल करवाया गया है: इससे साफ है कि पुलिस सिर्फ तस्करों को पकड़ने में ही नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को भी वापस सामान्य जीवन में लाने की कोशिश कर रही है। एसएसपी खुराना ने बताया कि हिमाचल पुलिस के सहयोग से इंटर-स्टेट सीमाओं पर पकड़े गए संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तुरंत शेयर की जाती है। इससे उन पर जल्द से जल्द कार्रवाई संभव हो पाती है और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसना आसान होता है। पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहा यह अभियान अब एक निर्णायक मोड़ पर है। जहां एक ओर नशा बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशे के शिकार युवाओं को नशा मुक्त जीवन की ओर लाया जा रहा है। “युद्ध नशों के विरुद्ध” अब केवल एक नारा नहीं बल्कि एक सख्त अभियान बन गया है, जिसमें पंजाब और हिमाचल पुलिस की संयुक्त मेहनत साफ दिखाई दे रही है।
