BBD University convocation: लखनऊ में हुआ BBD यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोहBBD University convocation: लखनऊ में हुआ BBD यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह

BBD University convocation: लखनऊ में हुआ BBD यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह

लखनऊ में आयोजित बीबीडी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन कई पहलुओं को लेकर चर्चा में है। समारोह के मंच से सीएम योगी ने जहां राज्य की कानून व्यवस्था, निवेश और विकास के मॉडल पर विस्तार से बात की, वहीं जी-20 समिट के दौरान हुई एक अनोखी घटना का भी जिक्र किया।

योगी ने कहा कि जी-20 के दौरान कार्यक्रम स्थल के आसपास लगाए गए गमले तक लोगों ने चोरी कर लिए, वह भी मर्सिडीज जैसी महंगी कारों में बैठकर। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस मामले पर कड़ा एक्शन इसलिए नहीं लिया, ताकि शहर पर “गमला चोरी” जैसी गलत पहचान की मुहर न लग जाए।

सीएम योगी के अनुसार, “सोचिए, कहां मर्सिडीज कार की कीमत और कहां गमले की। अगर हम कार्रवाई करते, तो लोग कहते कि गमला चोर पकड़ रहे हैं। इसलिए हमने उन लोगों को बुलाया और उन्हें खुद CCTV फुटेज दिखाए।” इस बयान पर समारोह में मौजूद छात्र और अतिथि मुस्कुराते नजर आए।

दीक्षांत समारोह में दो बैच के 5,746 छात्रों को उपाधियां और मेडल प्रदान किए गए। इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं को आने वाले समय की तकनीकों, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, को अपनाना होगा, लेकिन साथ ही यह समझना होगा कि तकनीक इंसान को नियंत्रित न करने लगे। उन्होंने कहा कि “AI हमारी जरूरत है, पर ध्यान रखें कि उसे आप चलाएं, वह आपको न चलाने लगे।”

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मंच पर मौजूद थे। उन्होंने युवाओं की भावनाओं और गुस्से पर अपनी शैली में टिप्पणी करते हुए कहा कि आज के युवाओं को जल्दी गुस्सा आ जाता है, और घर-परिवार की बात करते हुए उन्होंने कहा कि “अगर पत्नी गुस्सा हो जाए, तो उसकी सुनो।” मंच पर उन्होंने एक पहेली भी पूछी, जिस पर छात्र हँसी से माहौल हल्का हुआ।

संबोधन के दौरान सीएम योगी ने अपने भाषण में तीन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस किया। पहला मुद्दा रहा उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और 2017 से पहले की स्थिति। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले यूपी में ‘पहचान का संकट’ था। युवाओं को रोजगार नहीं, बेटियों और व्यापारियों को सुरक्षा नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार के जीरो टॉलरेंस मॉडल पर शुरू में लोग विश्वास नहीं करते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि “अब क्या होली, दिवाली, दशहरा, रक्षाबंधन, क्रिसमस, ईद, बकरीद—सब शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जाते हैं।

कानून का पालन करना ही होगा, और इसी वजह से निवेश की झड़ी लग गई है।” योगी ने दावा किया कि जहां पहले पांच साल में पचास हजार करोड़ का निवेश मिलना मुश्किल था, वहीं अब आठ साल में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं।

दूसरा बड़ा मुद्दा था उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था। योगी ने कहा कि देश आज़ाद होने के समय अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान 14 फीसदी था, जो धीरे-धीरे घटकर 8 प्रतिशत पर आ गया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी लगन से काम किया और आज यूपी देश के ‘टॉप अचीवर’ के रूप में उभरा है।

उन्होंने BBD यूनिवर्सिटी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब स्वर्गीय अखिलेश दास ने विश्वविद्यालय की स्थापना सोची, तब सौ एकड़ जमीन जुटाने जैसे बड़े लक्ष्य को उन्होंने अपने प्रयासों से पूरा किया। योगी ने कहा कि आज किसी के लिए इतनी जमीन लाना मुश्किल है, लेकिन पुराने समय में सरकार के चहेते लोगों को मात्र दस एकड़ जमीन पर भी विश्वविद्यालय की स्वीकृति दी जाती थी।

सीएम योगी ने अपने तीसरे प्रमुख बिंदु के रूप में रक्षा और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में यूपी की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान को चौंका देने वाली ब्रह्मोस मिसाइल का उल्लेख किया और कहा कि यह मिसाइल लखनऊ में ही बन रही है।

उन्होंने बताया कि ब्रह्मोस निर्माण के लिए जमीन फ्री में दी गई है, और जब उत्पादन पूरी क्षमता से शुरू हो जाएगा, तब हर साल 500 से 600 करोड़ रुपये तक का जीएसटी राज्य को मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान को चौकन्ना करने वाले ड्रोन भी यूपी के युवाओं की प्रतिभा का परिणाम हैं। विश्वविद्यालयों से उन्होंने अपील की कि उभरती तकनीकों को अपने पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाएं और शॉर्ट-टर्म कोर्स शुरू करें।