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देश के शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को आधुनिक, सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुंबई के BSE इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘सहकार नव-क्रांति’ कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए Security Operation Centre (SOC) और राष्ट्रव्यापी सेवा बंडल के तहत Core Banking तथा उससे जुड़ी सेवाओं का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में NUCFDC और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) का भी आदान-प्रदान किया गया। इस सहयोग का उद्देश्य शहरी सहकारी बैंकों में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करना है। इससे पहले अमित शाह ने मुंबई के फोर्ट स्थित शारदा सदन में NUCFDC के नए कार्यालय परिसर का उद्घाटन किया।

‘Bank in a Box’ से छोटे बैंकों को मिलेगी आधुनिक तकनीक

अमित शाह ने कहा कि वर्षों से प्रतीक्षित शहरी सहकारी बैंकों का Umbrella Organisation अब भारतीय रिजर्व बैंक की मान्यता, पर्याप्त पूंजी और नए कार्यालय के साथ जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह संगठन शहरी सहकारी बैंकों को RBI के अनुपालन मानकों को पूरा करने में मार्गदर्शन देने के साथ तकनीकी और संस्थागत सहयोग भी उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने कार्यक्रम में ‘Bank in a Box’ सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके जरिए कोर बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, क्लाउड सेवाएं, नियामकीय अनुपालन और आधुनिक बैंकिंग की कई सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। इससे एक शाखा वाला छोटा शहरी सहकारी बैंक भी कम लागत में अपने ग्राहकों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं दे सकेगा।

24 घंटे साइबर निगरानी की सुविधा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग के दौर में साइबर सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से NUCFDC और NFSU के बीच सहयोग किया गया है। इसके तहत छोटे से छोटे शहरी सहकारी बैंक तक साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक की सुविधाएं कम लागत में पहुंचाने की योजना है।

कार्यक्रम में शुरू किया गया Security Operation Centre शहरी सहकारी बैंकों को 24 घंटे साइबर निगरानी, सुरक्षा और त्वरित मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। अमित शाह ने सभी शहरी सहकारी बैंकों से इस सेंटर का सदस्य बनने का आह्वान किया।

1,400 शहरी सहकारी बैंकों में करीब 6 लाख करोड़ रुपये जमा

अमित शाह ने कहा कि देश में करीब 1,400 शहरी सहकारी बैंक हैं, जिनमें लगभग 6 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि है। ये बैंक छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, MSME, स्थानीय उद्यमियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और मध्यम वर्ग को छोटे ऋण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकिंग का उद्देश्य केवल बैंक को मजबूत बनाना नहीं, बल्कि उन लोगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है जो स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय के जरिए रोजगार पैदा करते हैं।

306 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई गई

अमित शाह ने बताया कि शहरी सहकारी बैंकों के Umbrella Organisation की स्थापना कभी बेहद कठिन चुनौती मानी जाती थी। लेकिन सहकारी क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के सहयोग से कम समय में 306 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई गई और संगठन की विभिन्न सेवाओं को शुरू किया गया।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 650 शहरी सहकारी बैंक Umbrella Organisation के सदस्य बन चुके हैं, यानी लगभग 50 प्रतिशत बैंक इससे जुड़ चुके हैं। उन्होंने अगले एक वर्ष में देश के सभी शहरी सहकारी बैंकों को इस नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया।

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 449 शहरी सहकारी बैंक

अमित शाह ने कहा कि देश में सबसे अधिक 449 शहरी सहकारी बैंक महाराष्ट्र में हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और कर्नाटक मिलकर देश के शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र का बड़ा हिस्सा रखते हैं। इसी को देखते हुए NUCFDC का मुख्यालय दिल्ली से महाराष्ट्र स्थानांतरित करने की बात भी उन्होंने कही।

AI और MuleHunter से धोखाधड़ी रोकने पर जोर

अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन के जरिए शहरी सहकारी बैंकों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें MuleHunter, AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन, साझा साइबर इंश्योरेंस, डिजिटल फोरेंसिक, आधार आधारित सेवाएं, नियामकीय अनुपालन का ऑटोमेशन और आधुनिक रिस्क मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

अमित शाह ने कहा कि यदि प्रत्येक बैंक इन तकनीकी सेवाओं को अलग-अलग खरीदेगा तो लागत काफी अधिक होगी। Umbrella Organisation सामूहिक रूप से सेवाएं और सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराकर छोटे बैंकों की लागत कम करने में मदद करेगा।

RBI के साथ सुधारों और संवाद का भी जिक्र

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सरकार और RBI के बीच बेहतर संवाद के कारण शहरी सहकारी बैंकों से जुड़े कई मुद्दों का समाधान हुआ है। उन्होंने शाखा विस्तार, डोरस्टेप बैंकिंग, अनुसूचित बैंक का दर्जा, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, आवास ऋण सीमा और One Time Settlement जैसी सुविधाओं में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि RBI का उद्देश्य नियामक के रूप में बैंकों का सुचारू संचालन और जमाकर्ताओं के धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे में शहरी सहकारी बैंकों को भी पारदर्शिता, तकनीक और बेहतर अनुपालन को प्राथमिकता देनी होगी।

‘सहकार से समृद्धि’ को 2047 के लक्ष्य से जोड़ा

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के तहत सहकारी क्षेत्र को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को समृद्ध बनाने के लिए प्रत्येक भारतीय को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना जरूरी है और इसमें स्वरोजगार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

उन्होंने कहा कि शहरी सहकारी बैंक छोटे व्यापारियों, उद्यमियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को वित्तीय सहायता देकर इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान ‘Operational Risk Management – A Practical Guide to Urban Co-operative Banks’ पुस्तक और भारत में सहकारी बैंकिंग की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित कॉफी टेबल पुस्तक का भी लोकार्पण किया गया। साथ ही ‘सहकार CBS’ से सफलतापूर्वक जुड़ने वाले पहले छह शहरी सहकारी बैंकों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।

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