Azam Khan released: 23 महीनों बाद जेल से रिहा ‘आजम खान’Azam Khan released: 23 महीनों बाद जेल से रिहा ‘आजम खान’

Azam Khan released: 23 महीनों बाद जेल से रिहा ‘आजम खान’

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खान (Azam Khan released) आखिरकार 23 महीने बाद सीतापुर जेल से रिहा हो गए। जैसे ही उन्होंने जेल से बाहर कदम रखा, उनका वही पुराना तेवर और अंदाज नजर आया। सफेद कुर्ता, काली सदरी और काले चश्मे में जब वे कार में बैठे तो बाहर खड़े समर्थकों (Azam Khan released) ने उनका जोरदार स्वागत किया। हालांकि, पुलिस ने धारा 144 लागू करते हुए समर्थकों को जेल से दूर ही रोक दिया था।

आजम खान की रिहाई (Azam Khan released) को लेकर उनके दोनों बेटे अब्दुल्ला और अदीब खान खुद सीतापुर जेल पहुंचे थे। पिता के रिहा (Azam Khan released) होते ही अदीब ने कहा, “आज के हीरो हमारे अब्बा हैं।” जेल से रिहाई के बाद आजम खान सीधे रामपुर के लिए रवाना हो गए। रास्ते में उनके समर्थकों ने जगह-जगह स्वागत (Azam Khan released) की तैयारियां की थीं, लेकिन पुलिस प्रशासन की सख्ती के चलते भीड़ को नियंत्रित किया गया

इस मौके पर मुरादाबाद की सांसद और सपा नेता रुचि वीरा भी समर्थकों के साथ जेल (Azam Khan released) के बाहर पहुंचीं। उनके साथ लगभग 200 से अधिक कार्यकर्ता थे। हालांकि, पुलिस ने धारा-144 का हवाला देते हुए समर्थकों को जेल परिसर से काफी पहले ही रोक दिया। इसके अलावा पुलिस ने नो पार्किंग जोन में खड़ी 25 गाड़ियों का चालान भी काटा।

आजम खान की रिहाई सुबह 9 बजे तय थी, लेकिन अंतिम समय में एक तकनीकी पेंच फंस गया। रामपुर की एक अदालत ने उन्हें एक मामले में 6 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया था, जो उन्होंने समय पर जमा नहीं किया। जब तक कोर्ट खुली नहीं, तब तक यह मामला लटका रहा। सुबह 10 बजे एक रिश्तेदार ने रामपुर कोर्ट में जुर्माना अदा किया। कोर्ट से इसकी जानकारी ईमेल के जरिए सीतापुर जेल प्रशासन को भेजी गई। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे आजम खान को रिहा किया गया। यानी केवल 6 हजार रुपये की वजह से उन्हें ढाई घंटे अधिक जेल में रहना पड़ा।

आजम खान के खिलाफ कुल 104 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 93 अकेले रामपुर में हैं। अब तक 12 मामलों में फैसला आ चुका है, जिनमें से कुछ में उन्हें सजा हुई है और कुछ में वे बरी हो गए हैं। हालांकि, अब सभी मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है। हाल ही में उन्हें बीयर बार पर अवैध कब्जे से जुड़े केस में हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन तभी पुलिस ने शत्रु संपत्ति मामले में नई धाराएं जोड़ दी थीं। 20 सितंबर को रामपुर कोर्ट ने उन धाराओं को खारिज कर दिया, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आजम खान की रिहाई को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आजम साहब को झूठे मुकदमों में फंसाया गया था। आज उनकी रिहाई हम सभी के लिए खुशी का दिन है। आने वाले समय में सभी फर्जी केस खत्म होंगे। हमारी सरकार बनने पर हर फर्जी केस वापस लिया जाएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि, “मैं ही नहीं, भाजपा के कई नेताओं ने भी कहा है कि आजम खान को मुसलमान होने की सजा मिली है।”

उधर, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस मौके पर आजम खान (Azam Khan released) पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “मोहम्मद आजम खान चाहे सपा में रहें या बसपा में जाएं, सपा-बसपा दोनों की 2027 में हार का मातम तय है।”

2022 में आजम खान (Azam Khan released) को भड़काऊ भाषण देने के एक मामले में दो साल की सजा सुनाई गई थी, जिसके चलते उनकी विधायकी भी चली गई थी। इसके बाद वे मई 2022 में एक बार जमानत पर जेल से बाहर आए थे, लेकिन अक्टूबर 2023 में एक अन्य मामले में सजा होने पर उन्होंने सरेंडर कर दिया। उन्हें पहले रामपुर जेल में रखा गया और बाद में सुरक्षा कारणों से सीतापुर जेल शिफ्ट किया गया था।

आजम खान (Azam Khan released)की रिहाई के साथ ही राजनीतिक गलियारों में फिर से हलचल तेज हो गई है। समर्थकों में जहां खुशी का माहौल है, वहीं विपक्ष इस रिहाई को लेकर सवाल भी उठा रहा है। तमाम कानूनी उलझनों से गुजरने के बाद अब आजम खान फिर से सक्रिय राजनीति में लौट सकते हैं या नहीं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।