यूथ एशियन गेम्स 2025 में आर्यन ने जीता गोल्ड मेडलयूथ एशियन गेम्स 2025 में आर्यन ने जीता गोल्ड मेडल

यूथ एशियन गेम्स 2025 में आर्यन ने जीता गोल्ड मेडल

 

 

बहरीन में आयोजित यूथ एशियन गेम्स 2025 में हिसार जिले के नारनौंद के गांव भैणी अमीरपुर के युवा खिलाड़ी आर्यन लोहान ने कबड्डी में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रौशन किया है।

ये प्रतियोगिता 19 से 23 अक्टूबर तक बहरीन में आयोजित की गई थी, जिसमें आर्यन ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और शानदार खेल प्रदर्शन से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।

आपकों बता दें कि, आर्यन की खेल यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। मात्र 10 वर्ष की उम्र में उन्होंने कबड्डी खेलना शुरू किया और तब से ही उन्होंने इस खेल को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लिया

उनकी मेहनत, लगन और अनुशासन ने उन्हें ना केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। आर्यन ने अब तक कई प्रतियोगिताओं में अपने कौशल का लोहा मनवाया है और कई बार ‘बेस्ट रेडर’ का खिताब भी अपने नाम किया है।

आर्यन की प्रमुख उपलब्धियों में 2022 की स्कूल नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और ‘बेस्ट रेडर’ का खिताब शामिल है। उसी वर्ष उन्होंने 32वीं सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप (गांधीधाम, गुजरात) में भी गोल्ड मेडल हासिल किया।

साथ ही उन्होंने 67वीं स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल और ‘बेस्ट रेडर’ का पुरस्कार जीता। जिसके बाद 68वीं स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में हरियाणा टीम की ओर से खेलते हुए उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया

वहीं वर्ष 2025 में आयोजित अंडर-18 नेशनल चैंपियनशिप में आर्यन ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया और जिसके बाद उन्हें SAI की टीम में शामिल किया गया। SAI की टीम में शामिल होकर उन्होंने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और खेल की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।

आर्यन ने अपनी इस सफलता के बाद कहा कि, “देश के लिए खेलना मेरे लिए सबसे बड़ा गौरव है। मेरा सपना है कि, आने वाले वर्षों में भारत को वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड दिलाऊँ।” उन्होंने ये भी कहा कि, उनकी यात्रा अभी समाप्त नहीं हुई है और वे निरंतर मेहनत और अभ्यास जारी रखेंगे।

आर्यन के माता-पिता और परिवार ने बताया कि, आर्यन हमेशा से अनुशासित और मेहनती रहे हैं। उन्होंने कहा कि, आर्यन की इस उपलब्धि ने पूरे गांव और जिले का नाम ऊंचा किया है।

उन्होंने ये भी बताया कि, आर्यन अपने खेल में सफलता पाने के लिए कभी पीछे नहीं हटते और हर चुनौती का सामना पूरी मेहनत और साहस के साथ करते हैं।

आर्यन की इस उपलब्धि से ये स्पष्ट होता है कि, भारत के युवा खेलों में लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं। यूथ एशियन गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर गोल्ड जीतना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि ये देश के लिए गर्व का विषय भी है।

आर्यन ने अपनी खेल शैली, तेज़ी, रणनीति और टीम भावना से न केवल विरोधी टीमों को प्रभावित किया बल्कि दर्शकों और प्रशिक्षकों का भी दिल जीत लिया।

आर्यन की सफलता का संदेश ये है कि, अगर किसी युवा के पास लगन, मेहनत और समर्पण है, तो वे किसी भी स्तर पर देश का नाम रौशन कर सकता है। उनके खेल की शुरुआत छोटे गांव के अखाड़े से हुई, लेकिन आज वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीतकर भारत का नाम ऊँचा कर रहे हैं।

आर्यन का लक्ष्य अब वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए गोल्ड जीतना है। जिसके लिए वे लगातार अभ्यास और प्रशिक्षण में जुटे हुए हैं। उनके कोच और प्रशिक्षक भी उनके कौशल और मेहनत की सराहना करते हैं और उनका मानना है कि, आर्यन में वे क्षमता है जो उसे विश्व स्तर पर शीर्ष खिलाड़ी बना सकती है।

भैणी अमीरपुर गांव और नारनौंद जिले के लिए आर्यन की ये उपलब्धि गर्व का विषय है। गांव और जिले के लोग उन्हें सलाम करते हैं और उनकी भविष्य की सफलता के लिए दुआ करते हैं। आर्यन जैसे खिलाड़ी यह दिखाते हैं कि, छोटे गांवों के युवा भी मेहनत और समर्पण से विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

आर्यन लोहान की ये सफलता न केवल उनके परिवार और गांव के लिए बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया।

यूथ एशियन गेम्स 2025 में गोल्ड जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि, भारत के युवा खेलों में किसी से कम नहीं हैं। आर्यन का इस सफर से ये संदेश मिलता है कि, सपने बड़े होने चाहिए, मेहनत लगातार होनी चाहिए और लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए।