AJAY RAI: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने काशी में निकाली पदयात्रा
आइए आज आपको एक ऐसे यूपी से रूबरू करवाते है जो मंत्रियों नेताओं और सरकार में रहने वाले लोगों की नजरों से बहुत दूर है इतनी दूर की उनकी नजरों में ये बेकार यूपी उनके विकसित यूपी का हिस्सा ही नहीं है। वो यूपी है, जहां पर सड़कों में गड्ढे नजर आते है, बारिश के मौसम मे जलभराव की समस्या है, लोग गंदा पानी पीने को मजबूर है, बिजली सप्लाई बिल्कुल ठीक नहीं है, ये वो चीजें है…
जो किसी भी जगह की और किसी के भी रहने के लिए बुनियादी आधार है लेकिन मैं इसी यूपी की बात कर रही हूं जहां पर रहने वाले लोगों को किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं मिल रही है। इस बात से हम सभी परिचित है कि यूपी की राजनीति में जो नमक देखने को मिलता है वो शायद ही किसी अन्य राज्य की राजनीति में देखने को मिले।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरंतर यूपी के विकास कार्यों को तेज करने में लगे है। हर वो विकास हर वो संसाधन हर वो समाधान यूपी सरकार निकाल रही है जिससे राज्य का संपूर्ण विकास हो लेकिन फिर भी चूक रह गई है ऐसा मैं नहीं बोल रही हूं ऐसा यूपी के हालात बोल रहे है ऐसा विपक्षियों के सवाल बोल रहे है। जी हां बारिश का मौसम है और ऐसे में विपक्षी यूपी की असलियत दिखाने के लिए निकल पड़े है।
गुरुवार की रात
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने वाराणसी में जलभराव और अव्यवस्थाओं के खिलाफ पदयात्रा निकाली। अब आप खुद ब खुद सोच सकते हैं, अगर अव्यवस्थाओं के खिलाफ पदयात्रा निकाली गई है… तो विकास कार्यों पर सवाल उठें और पीएम-सीएम को घेरना भी जरूरी ही था।
उन्होंने पदयात्रा के दौरान काशी में सड़कों पर गड्ढे और चोक नालों के लिए प्रशासन को आईना दिखाया। और इतना ही नहीं अजय राय ने खुद गड्ढे में उतरकर गंदे पानी में चलकर विरोध दर्ज किया।
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से चितरंजन पार्क तक पदयात्रा में जनता से संवाद किया। और अजय राय ने काशी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। वादा खिलाफी वो है, जो आप जनता से वादा करते हैं और उसके विपरित ही कार्य करके, उनके वादे को तोड़ देते हैं… ये आरोप प्रधानमंत्री मोदी पर लगाया गया है।
वही इस अवसर पर उन्होंने
प्रशासन की ओर से बनाए गए शिविरों की भी जांच की। चितरंजन पार्क शिविर का वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। जिसमें शिविर में बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाएं नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से शिवभक्तों की अनदेखी की बात कही। वहीं कांवड़ मार्ग पर खुदाई और अव्यवस्थाएं भी बताई।
अजय राय ने ये भी कहा कि, विपक्ष को सरकार की कमियां गिनवाने की भी कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि जो भी काशी आ रहा है वही झूठे वादों की सच्चाई जान लेता है। उन्होंने कहा कि जनता अब जमलेबाजी और वादाखिलाफी करने वालों को पहचान गई है और अब आम जनता इस उत्पीड़न से छुटकारा चाहती है।
उन्होंने इस अवसर पर काशी की बुरी दशा का जिक्र करते हुए कहा कि विकास कार्यों में इतना पैसा लगाया गया है लेकिन वो विकास आम जनता तक नहीं पहुंचा है। लाखों-करोड़ों खर्च होने के बावजूद आज सड़कों की हालत, जलभराव और गरीबों की हालत देखी जा सकती है। नाइट मार्केट बनाकर गरीब पटरी दुकानदारों से पैसे लिए गए और अब बिना पूर्व सूचना के उन्हें उजाड़ दिया गया। ये कैसा विकास है?”
वही पूर्व मंत्री अजय राय ने सावन माह के आगमन से पहले कांवड़ यात्रा मार्गों पर भ्रमण किया। कहा कि, सावन में हम काशीवासियों को कांवड़ियों की सेवा करनी थी, लेकिन मोदी सरकार ने पूरे शहर को खुदाई और अव्यवस्था में झोंक दिया है। कांवड़ियों के पांव में कंकड़ चुभेंगे और परेशानियां झेलनी होगी।

