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देश के चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। ये चुनाव भले छोटे हों, लेकिन इनके सियासी मायने बड़े हैं। इन चुनावों को 2026 और 2027 के विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है। इन चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने दो बड़ी सीटों पर जीत दर्ज की है।

लुधियाना पश्चिम में जीती AAP

पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट से AAP के उम्मीदवार संजीन अरोड़ा ने कांग्रेस के भारत भूषण आशु को 10,637 वोटों से हराया। यह सीट पहले AAP के ही विधायक गुरप्रीत गोगी के निधन से खाली हुई थी।

विसावदर सीट AAP के इटालिया जीते 

इसी तरह गुजरात की विसावदर सीट पर भी AAP ने बाजी मारी। AAP नेता गोपाल इटालिया ने बीजेपी प्रत्याशी को 17,554 वोटों से हराया। इससे साफ हो गया कि AAP अब गुजरात में भी अपना जनाधार मजबूत कर रही है।

कड़ी सीट पर बीजेपी को मिली जीत

सत्ताधारी दल बीजेपी को इन उपचुनावों में केवल एक सीट – गुजरात की कड़ी सीट – पर जीत मिली। यहां बीजेपी के राजेंद्र चावड़ा ने कांग्रेस उम्मीदवार को हराया।

केरल की नीलांबुर सीट गई कांग्रेस के पास

कांग्रेस को केरल की नीलांबुर सीट से जीत मिली है। यहां आर्यदान शौकत ने लेफ्ट उम्मीदवार एम. स्वराज को हराया। यह जीत कांग्रेस के लिए 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एक उम्मीद की किरण मानी जा रही है।

कालीगंज सीट पर TMC की अलीफा अहमद ने जीती

पश्चिम बंगाल की कालीगंज सीट पर TMC की अलीफा अहमद ने जीत दर्ज की। यह सीट पहले उनके पिता और टीएमसी विधायक नसीरुद्दीन अहमद के निधन के कारण खाली हुई थी।

AAP की जमीन हुई मजबूत

जीत के साथ TMC ने फिर साबित कर दिया कि बंगाल में अभी भी उसकी पकड़ मजबूत है। इन चुनावों के परिणामों से एक बात तो साफ हो जाती है कि AAP अब न केवल पंजाब में मजबूत है, बल्कि गुजरात में भी बीजेपी को टक्कर दे रही है। वहीं कांग्रेस को गुजरात और बंगाल में हार से सबक लेना होगा, लेकिन केरल की जीत से थोड़ी राहत मिली है। बीजेपी को अपने गढ़ गुजरात में AAP की चुनौती से सतर्क रहना होगा। वहीं TMC ने एक बार फिर बंगाल में मुस्लिम वोटर्स का भरोसा जीत लिया है। इन उपचुनावों में AAP सबसे बड़ी विजेता बनकर उभरी है। कांग्रेस ने केरल में वापसी की है, लेकिन बाकी जगह कमजोर रही। बीजेपी को अपने ही गढ़ में AAP की बढ़ती ताकत से सावधान होना पड़ेगा। वहीं, ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने फिर साबित कर दिया कि बंगाल में उसकी टक्कर का कोई नहीं।