राजस्थान के उदयपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने भी सुना वो हैरान ही रह गया। मामला चौहानवास गांव का है जहां एक पिता ने अपनी जिंदा विवाहित बेटी को मृत घोषित कर दिया और शोक पत्रिका छपवाई गई, मृत्यु भोज भी कराया गया और इसके साथ-साथ पैतृक संपत्ति से भी बेदखल कर दिया गया।
दरअसल, यह सब इसलिए किया क्योंकि, बेटी ने अपने पति, तीन मासूम बच्चों और मायके से नाता तोड़ने का फैसला कर लिया। बता दें कि, चौहानवास गांव निवासी रूप सिंह की बेटी जमना कंवर का विवाह करीब दस वर्ष पहले खेड़ा गांव निवासी प्रभु सिंह, के साथ सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। विवाह के बाद दंपती के तीन बच्चे हुए, जिनकी उम्र लगभग दो वर्ष, चार वर्ष और साढ़े पांच वर्ष बताई जा रही है। सामान्य ग्रामीण परिवार की तरह जीवन चल रहा था, लेकिन करीब दो महीने पहले अचानक हालात बदल गए।
मिली जानकारी के अनुसार जमना कंवर अपने पति और तीनों छोटे बच्चों को छोड़कर खेड़ा गांव के ही हरि सिंह, पिता सोहन सिंह के साथ घर से चली गई। बाद में दोनों ने आपस में विवाह कर लिया और यह घटना सामने आने के बाद परिवार और समाज में हड़कंप मच गया। पति, ससुराल पक्ष, मायका पक्ष और समाजजनों ने मिलकर कई बार समझाइश करने का प्रयास किया, लेकिन जमना कंवर अपने फैसले पर अडिग रही।
वहीं, मामला इतना गंभीर हो गया कि परिजनों को पुलिस की मदद लेनी पड़ी। जमना कंवर की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवती को दस्तयाब किया और उसे परिजनों व बच्चों से मिलवाया लेकिन यहां जो हुआ, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। बताया जाता है कि जमना कंवर ने अपने माता-पिता और यहां तक कि अपने तीनों बच्चों को पहचानने से भी इनकार कर दिया। उसने साफ कह दिया कि वह अब पुराने जीवन में वापस नहीं लौटना चाहती। इस घटनाक्रम ने पिता रूप सिंह को अंदर से तोड़ दिया। वहीं, परिजनों और समाज ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया
