भीलवाड़ा, राजस्थान। जिले के मांडल कस्बे की मोहन कॉलोनी स्थित सांवरिया सेठ मंदिर में हुई चोरी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। 3 नवंबर को दिनदहाड़े एक अज्ञात युवक ने मंदिर से भगवान के चांदी के आभूषण चोरी कर लिए थे। चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन दो दिन बाद 5 नवंबर को मंदिर परिसर में चोरी किए गए गहने वापस मिलने से मामले में नया मोड़ आ गया।
पहले भगवान को प्रणाम किया, फिर चुरा लिए गहने
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे एक युवक मंदिर परिसर में दाखिल हुआ। उसने काली टी-शर्ट और टोपी पहन रखी थी, जबकि पीठ पर एक बैग लटका हुआ था।
मंदिर में प्रवेश करने के बाद युवक ने भगवान सांवरिया सेठ को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और परिक्रमा भी लगाई। इसके बाद वह गर्भगृह में पहुंचा और भगवान की प्रतिमा पर सजे चांदी के आभूषण उतारकर अपने बैग में रख लिए।
चोरी किए गए सामान में चांदी का मुकुट, बांसुरी, हाथों के आठ कड़े और पैरों के दो कड़े शामिल थे। इनकी कुल कीमत लगभग दो लाख रुपये बताई गई है। वारदात के बाद युवक मंदिर से निकलकर फरार हो गया।
48 घंटे बाद बाइक से आया युवक, मंदिर में फेंकी पोटली
चोरी के दो दिन बाद गुरुवार को एक युवक मोटरसाइकिल से मंदिर के पीछे की गली में पहुंचा। रिपोर्ट के अनुसार, उसने वहां बाइक खराब होने का बहाना बनाया। उस समय मंदिर का मुख्य द्वार बंद था।
इसके बाद युवक ने आभूषणों से भरी एक पोटली मंदिर परिसर के अंदर फेंक दी और वहां से चला गया।
शाम करीब पांच बजे मंदिर के पुजारी मयंक वैष्णव जब मंदिर खोलने पहुंचे तो उन्हें परिसर में एक पोटली पड़ी दिखाई दी। पोटली खोलने पर उसमें भगवान के चोरी हुए सभी चांदी के आभूषण सुरक्षित मिले।
गहनों के साथ मिले 201 रुपये, श्रद्धालु हैरान
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा पोटली के अंदर मिले एक लिफाफे की हो रही है। चोरी किए गए गहनों के साथ लिफाफे में 201 रुपये भी रखे हुए थे।
मंदिर में गहने वापस मिलने के बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। हालांकि, आरोपी ने आभूषण वापस क्यों किए और साथ में 201 रुपये क्यों रखे, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
कुछ श्रद्धालु इस घटना को भगवान सांवरिया सेठ की कृपा से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य लोग इसे आरोपी के मन में डर या पछतावे की संभावना से जोड़ रहे हैं। हालांकि, इन चर्चाओं की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस थाने के पास हुई थी चोरी
हैरानी की बात यह है कि जिस मंदिर में चोरी की वारदात हुई, वह मांडल पुलिस थाने के बेहद करीब स्थित है। ऐसे में दिनदहाड़े हुई चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए थे।
मंदिर के सीसीटीवी कैमरों में चोरी करने और बाद में गहने वापस रखने की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। पुलिस इन फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
मांडल थानाधिकारी गजेंद्र सिंह नरूका के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि उसने चोरी किस वजह से की थी और बाद में गहने लौटाने का फैसला क्यों लिया।
मंदिर ट्रस्टी बोले—सांवरिया सेठ पर अटूट विश्वास
मंदिर के ट्रस्टी सुरेंद्र प्रताप सुवालका ने चोरी हुए सभी आभूषण वापस मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने इस घटनाक्रम को श्रद्धालुओं की आस्था से जोड़ते हुए भगवान सांवरिया सेठ पर अपना विश्वास व्यक्त किया।
मंदिर प्रबंधन के लिए राहत की बात यह है कि भगवान के सभी आभूषण सुरक्षित वापस मिल गए हैं। हालांकि, चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले व्यक्ति की पहचान और उसकी गिरफ्तारी अभी बाकी है।
गहने लौटाने के पीछे क्या है असली वजह?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दो लाख रुपये के गहने चुराने वाला युवक महज 48 घंटे के भीतर उन्हें वापस क्यों लौटा गया?
क्या उसे पकड़े जाने का डर था? क्या उसने पछतावे में आकर गहने लौटाए? या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है?
इन सवालों का जवाब फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। 6 नवंबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल भीलवाड़ा के मांडल कस्बे में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। चोरी के बाद सभी गहनों का वापस मिलना और उनके साथ 201 रुपये की भेंट रखा जाना इस घटना को सामान्य चोरी के मामलों से अलग बनाता है।
