जयपुर, राजस्थान। राजस्थान यूथ कांग्रेस के नए प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी मूल रूप से फलोदी जिले के चिमाना गांव के रहने वाले हैं। उनका संबंध एक सामान्य किसान परिवार से है। उनके पिता खेती-किसानी से जुड़े रहे हैं और वकालत भी कर चुके हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं।
गांव से शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद अभिषेक उच्च शिक्षा के लिए जयपुर पहुंचे। यहां राजस्थान विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान उनकी रुचि छात्र राजनीति में बढ़ी। विश्वविद्यालय परिसर से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर धीरे-धीरे कांग्रेस के छात्र संगठन और फिर मुख्यधारा की राजनीति तक पहुंचा।
लॉ कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष से NSUI प्रदेशाध्यक्ष तक
अभिषेक चौधरी ने राजस्थान विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज से छात्र राजनीति की शुरुआत की। वर्ष 2012 में वह लॉ कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए। इसके बाद उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन यानी NSUI में सक्रिय भूमिका निभाई।
जुलाई 2020 में अभिषेक चौधरी को राजस्थान NSUI का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने जनवरी 2024 तक यह जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान छात्र हितों, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संगठन की गतिविधियों में उनकी भागीदारी रही।
छात्र राजनीति के दौरान अभिषेक चौधरी और अनिल चोपड़ा के बीच राजनीतिक मुकाबला भी देखने को मिला था। वर्षों बाद दोनों नेता राजस्थान यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पद के चुनाव में फिर आमने-सामने आए।
2023 में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के खिलाफ लड़ा विधानसभा चुनाव
अभिषेक चौधरी को वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जयपुर की झोटवाड़ा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। उनके सामने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ थे।
इस चुनाव में अभिषेक चौधरी को 97,746 वोट मिले, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद वह कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे।
यूथ कांग्रेस चुनाव में मिले 6.15 लाख वोट
राजस्थान यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में अभिषेक चौधरी को सबसे ज्यादा वोट मिले। 4 अक्टूबर 2026 को घोषित चुनाव परिणामों में वह पहले स्थान पर रहे।
उम्मीदवार प्राप्त – वोट – नई जिम्मेदारी
अभिषेक चौधरी – 6,15,057 – प्रदेशाध्यक्ष
अनिल चोपड़ा – 5,45,638 – वरिष्ठ उपाध्यक्ष
राजकुमार परसवाल – 1,95,030 – उपाध्यक्ष
अभिषेक चौधरी ने अनिल चोपड़ा से 69,419 अधिक वोट हासिल किए। इसके बाद 5 नवंबर को युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब ने नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए। इस बार प्रदेशाध्यक्ष के चयन के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई और चुनाव में मिले वोटों के आधार पर नियुक्तियां की गईं।
1008 जरूरतमंद बहनों के विवाह का संकल्प भी चर्चा में
राजनीतिक गतिविधियों के अलावा अभिषेक चौधरी सामाजिक कार्यों को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। उन्होंने 1008 जरूरतमंद महिलाओं के निःशुल्क विवाह कराने का संकल्प लिया है।
उनकी आधिकारिक वेबसाइट के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार, इस पहल के तहत 360 विवाह संपन्न होने का दावा किया गया है। इसके अलावा ‘योग्यशाला’ पहल के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा में सहयोग किया जा रहा है। इस पहल से करीब 150 बच्चों के लाभान्वित होने की जानकारी दी गई है।
गहलोत और डोटासरा से राजनीतिक नजदीकी की चर्चा
राजस्थान कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में अभिषेक चौधरी को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के करीबी नेताओं में गिना जाता रहा है। वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी अनिल चोपड़ा को सचिन पायलट खेमे से जुड़ा माना जाता है।
नई नियुक्ति के बाद अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा ने अभिषेक चौधरी सहित नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी। डोटासरा ने उम्मीद जताई कि नया नेतृत्व युवाओं के रोजगार, अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाएगा।
अब अभिषेक चौधरी के सामने क्या चुनौतियां?
राजस्थान यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के रूप में अभिषेक चौधरी के सामने संगठन को जिला, विधानसभा और ब्लॉक स्तर तक सक्रिय बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाना भी उनके कार्यकाल का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
किसान परिवार से निकलकर छात्रसंघ अध्यक्ष, NSUI प्रदेशाध्यक्ष और विधानसभा प्रत्याशी तक का सफर तय करने वाले अभिषेक चौधरी अब राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति के बाद संगठन की नई प्रदेश कार्यकारिणी और जिला स्तरीय टीमों के गठन पर भी नजर रहेगी।
