कोटा। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 के दौरान कोटा जिले के पीपल्दा गांव से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। यहां 106 साल की चंदूबाई ने उम्र संबंधी शारीरिक परेशानियों के बावजूद मतदान केंद्र पहुंचकर वोट डाला। परिवार के सदस्य उन्हें व्हीलचेयर पर बैठाकर मतदान केंद्र लेकर आए।
चेचट पंचायत समिति क्षेत्र के पीपल्दा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्र पर चंदूबाई ने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उनकी मौजूदगी मतदान केंद्र पर चर्चा का विषय बन गई।
दो साल पहले तक पैदल पहुंचती थीं मतदान केंद्र
कमलपुरा गांव की रहने वाली चंदूबाई लंबे समय से चुनावों में नियमित मतदान करती रही हैं। लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनावों में उन्होंने लगातार अपनी भागीदारी निभाई है।
जानकारी के मुताबिक, करीब दो साल पहले तक चंदूबाई स्वयं पैदल चलकर मतदान केंद्र पहुंचती थीं। हालांकि अब उम्र अधिक होने के कारण उन्हें चलने-फिरने में परेशानी होती है। ऐसे में परिवार के सदस्य उन्हें व्हीलचेयर की सहायता से मतदान केंद्र तक लेकर आते हैं।
चंदूबाई का मतदान के प्रति उत्साह यह दर्शाता है कि उम्र बढ़ने के बावजूद नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं।
बीएलओ ने किया सम्मान, आठ साल से देख रहे मतदान
मतदान केंद्र पर तैनात बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ललित कुमार नावरिया ने बताया कि वह पिछले आठ वर्षों से चंदूबाई को मतदान करते देख रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 100 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं को विशेष सम्मान दिया जाता है। ऐसे बुजुर्ग मतदाताओं का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया जाता है और एसडीएम कार्यालय की ओर से प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाते हैं।
चंदूबाई की मतदान में भागीदारी अन्य बुजुर्ग महिलाओं को भी मतदान केंद्र तक आने के लिए प्रोत्साहित करती है।
92 वर्षीय धापूबाई और 81 साल की बसंती बाई ने भी डाला वोट
पीपल्दा मतदान केंद्र पर चंदूबाई के अलावा दो अन्य बुजुर्ग महिलाओं ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
ईश्वरपुरा गांव की 92 वर्षीय धापूबाई और उनकी 81 वर्षीय भतीजी बसंती बाई परिवार के सहयोग से मतदान केंद्र पहुंचीं। दोनों के बीच पारिवारिक रिश्ते के साथ गहरी मित्रता भी है।
परिवार के सदस्य दोनों महिलाओं को ट्राइसाइकिल की सहायता से मतदान केंद्र लेकर आए। बुजुर्ग महिलाओं की इस भागीदारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान के प्रति जागरूकता का उदाहरण प्रस्तुत किया।
मतदान करने पहुंचीं महिलाओं ने उठाई गांव की समस्या
मतदान के दौरान बुजुर्ग महिलाओं ने अपने गांव की समस्याओं को भी सामने रखा। महिलाओं ने बताया कि बरसात के मौसम में खेतों तक पहुंचने के लिए पक्के रास्ते नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन से खेतों तक आने-जाने के लिए पक्के रास्ते बनवाने की मांग की।
महिलाओं का कहना था कि गांव में अन्य व्यवस्थाएं सामान्य हैं, लेकिन बारिश के दौरान खेतों तक आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।
राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण का मतदान
राजस्थान में 28 अक्टूबर 2026 को पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के तहत 22 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान हुआ। इस चरण में एक करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत थे।
कोटा सहित विभिन्न जिलों में मतदाताओं ने चुनावी प्रक्रिया में भाग लिया। कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम से जुड़ी समस्याओं की खबरें भी सामने आईं।
बुजुर्ग मतदाताओं ने दिया लोकतांत्रिक भागीदारी का संदेश
कोटा की 106 वर्षीय चंदूबाई, 92 वर्षीय धापूबाई और 81 वर्षीय बसंती बाई की मतदान में भागीदारी ने चुनाव के दौरान विशेष ध्यान आकर्षित किया है।
इन महिलाओं की कहानी केवल मतदान तक सीमित नहीं है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूकता के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्ग नागरिकों की जरूरतों और बुनियादी सुविधाओं के महत्व को भी सामने लाती है।
